एशिया की सबसे बड़ी हेलमेट निर्माता कंपनी स्टीलबर्ड हाई-टेक इंडिया लिमिटेड अब अपने बद्दी में अपने अत्याधुनिक प्लांट के विस्तार के साथ अपनी निर्माण क्षमता का विस्तार करने के लिए पूरी तरह तैयार है। और कंपनी हर दिन 44,500 हेलमेट बनाने की तैयारी में है। यह हेलमेट की बाजार में बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद करेगा जो 22 प्रतिशत सीएजीआर से बढ़ रही है।
इस मौके पर बात करते हुए राजीव कपूर, एमडी, स्टीलबर्ड हेल्मेट्स ने बताया कि, “हम डब्ल्यूएचओ की रिपोर्ट पर ध्यान देते हुए प्लांट में लगातार निवेश कर रहे हैं, जिसके अनुसार हमारे देश में 3 लाख लोग सड़क पर मर रहे हैं; लेकिन हमारे अनुसार सड़क दुर्घटनाओं में दस लाख से अधिक लोग मारे जाते हैं क्योंकि हमारे देश में कई राज्यों और जिलों में यातायात पुलिस नहीं है और कई दुर्घटनाओं के बारे में किसी को कोई सूचना नहीं है। यदि हम बीमा कंपनियों के साथ आंकड़ों की जांच करते हैं, तो संख्या काफी अधिक है।” नई सरकार और मंत्रालय सड़क सुरक्षा की दिशा में बहुत काम कर रहे हैं। हमारे देश में सड़क सुरक्षा एक अत्यधिक चिंता का विषय बन गया है क्योंकि इतनी सारी मौतें हो रही हैं और सरकार मानव जीवन को बचाने के लिए बहुत सारे प्रयास कर रही है। और यह कदम सरकार के जीवन को बचाने के प्रयास के साथ पूरे तालमेल के अनुसार है।”
इन प्लांटों में जल्द ही कुल 6,00,000 लाख वर्ग फुट निर्मित क्षेत्र होगा और अगस्त 2019 तक इसके तैयार होने की उम्मीद है। इन प्लांटस में एक दिन में औसतन 44.500 हेलमेट बनाने की उत्पादन क्षमता होगी और बद्दी, हिमाचल प्रदेश क्षेत्र में लगभग 2500 से अधिक लोगों को नए रोजगार मिलेंगे।
राजीव कपूर ने कहा कि “इसके अलावा, नॉन-आईएसआई हेलमेट का निर्माण, बिक्री और खरीदना जल्द ही भारत में प्रतिबंधित होगा क्योंकि नॉन-आईएसआई और नकली हेलमेट का उत्पादन और बिक्री नकली दवाओं के उत्पादन की तरह है। इस प्रतिबंध के लागू होने के बाद लगभग 2 करोड़ हेलमेटों को प्रतिवर्ष निर्माण करना होगा, और हम इसके लिए अपने आप को तैयार कर रहे रहे हैं।” मोटर वाहन अधिनियम के साथ सभी दो पहिया वाहन निर्माताओं को एक नया दो पहिया वाहन बेचने के समय ही हेलमेट उपलब्ध कराना होगा, सभी राज्य सरकारें इस कानून को क्रमवार लागू करेंगी, जैसे तमिलनाडु ने पहले ही किया है, और स्टीलबर्ड को उम्मीद है कि सभी राज्य सरकारें इस कानून को लागू करेंगी और फलस्वरूप हेलमेट के बाजार में कई गुना वृद्धि होगी। हेलमेट की बिक्री भी बढ़ेगी।
वर्तमान में पूरे देश में हेलमेट पहनना अनिवार्य है लेकिन यह कानून केवल दिल्ली, चंडीगढ़ और जयपुर में लागू किया गया है। जल्द ही सरकार हेलमेट को अनिवार्य करेगी और कानून को पूरे देश में लागू करेगी; इससे बाजार में काफी तेजी से मांग आएगी। भारत में 100 मिलियन आईएसआई हेलमेटस की वार्षिक मांग होगी।