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ADAS: ऑटोमेटिक ड्राइविंग असिस्टेंस सिस्टम में है अटेंशन मॉनिटरिंग की खासी कमी, अध्ययन में खुलासा

Wed, 13 Mar 2024 08:40 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

ऑटोमेटेड ड्राइविंग असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) को लंबे समय से सड़क सुरक्षा का सबसे बेहतर समाधान माना जाता रहा है। लेकिन IIHS द्वारा किए गए गहन अध्ययन में पाया गया कि ज्यादातर आंशिक रूप से ऑटोमेटेड ड्राइविंग सिस्टमों की अटेंशन मॉनिटरिंग क्षमताओं में खासी कमियां हैं।
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ADAS Technology - फोटो : For Reference Only
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विस्तार
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ऑटोमेटेड ड्राइविंग असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) (स्वचालित ड्राइविंग सहायता प्रणालियां) को लंबे समय से सड़क सुरक्षा का सबसे बेहतर समाधान माना जाता रहा है। ये सिस्टम आम तौर पर टक्कर से बचाव की तकनीक पर केंद्रित होती हैं, जैसे कि लेन डिपार्चर वार्निंग और ब्लाइंड-स्पॉट एप्लीकेशन। साथ ही रात में देखने की सुविधा (नाइट विजन), चालक सतर्कता (ड्राइवर विजिलेंस) और एडाप्टिव क्रूज कंट्रोल जैसे चालक सहायक उपकरणों पर भी ध्यान देती हैं।
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हालांकि, एक मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, इंश्योरेंस इंस्टीट्यूट फॉर हाईवे सेफ्टी (IIHS) द्वारा किए गए गहन अध्ययन में पाया गया कि ज्यादातर आंशिक रूप से ऑटोमेटेड ड्राइविंग सिस्टमों की ध्यान-निगरानी (अटेंशन मॉनिटरिंग) क्षमताओं में खासी कमियां हैं। अध्ययन में 14 प्रणालियों का मूल्यांकन किया गया और पाया गया कि सिर्फ एक को ही कुल मिलाकर "स्वीकार्य" रेटिंग मिली। जबकि दो को "माध्यमिक" और अन्य 11 को "खराब" रेटिंग दी गई। किसी को भी "अच्छी" रेटिंग नहीं मिली।

ADAS Technology - फोटो : For Reference Only
IIHS के अध्यक्ष डेविड हार्के ने इन सिस्टम में दुरुपयोग को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए उपायों की कमी पर चिंता जाहिर की। उन्होंने कहा कि चालक का ध्यान सड़क पर केंद्रित रहे। उन्होंने वाहन निर्माताओं को ड्राइवर की निगरानी और जारी की गई चेतावनियों की तत्परता के संबंध में मानकों का पालन करने की आवश्यकता पर जोर दिया, यदि ड्राइवर ध्यान नहीं दे रहे हैं।

अध्ययन एक नियामक अंतराल को उजागर करता है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रीय राजमार्ग यातायात सुरक्षा प्रशासन (NHTSA) ने अभी तक इन प्रणालियों के लिए मानक निर्धारित नहीं किए हैं, जो खुद वाहनों को पूरी तरह से नहीं चला सकते हैं। IIHS उम्मीद करता है कि उसकी रेटिंग वाहन निर्माताओं को अपने सिस्टम में सुधार करने और चालक सुरक्षा को बढ़ाने के लिए प्रेरित करेगी।

ADAS Technology - फोटो : For Reference Only
परीक्षण की गई प्रणालियों में से सिर्फ लेक्सस एलएस में टीममेट सिस्टम को "स्वीकार्य" रेटिंग मिली। जनरल मोटर्स की सुपर क्रूज इन जीएमसी सिएरा और निसान के प्रो-पायलट असिस्ट विद नावी-लिंक निसान एरिया इलेक्ट्रिक वाहन में "माध्यमिक" रेटिंग हासिल हुई। जबकि निसान, टेस्ला, बीएमडब्ल्यू, फोर्ड, जेनेसिस, मर्सिडीज-बेंज और वोल्वो के सिस्टमों को "खराब" रेटिंग दी गई।

हार्के ने कहा कि इन प्रणालियों को शुरू में सेफ्टी फीचर्स के कंबीनेशन के रूप में डिजाइन किया गया था। लेकिन अब ये चालकों को लंबे समय तक ध्यान हटाने की अनुमति देती हैं, जिससे सुरक्षा जोखिम पैदा होता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह सुनिश्चित करना महत्वपूर्ण है कि चालक इन सिस्टम की सीमाओं को समझें और वाहन चलाने पर ध्यान केंद्रित रहे।

ADAS Technology - फोटो : For Reference Only
IIHS सिफारिश करता है कि इन सिस्टम को यह पता लगाने में सक्षम होना चाहिए कि, क्या चालक का ध्यान भटक गया है और 10 सेकंड के भीतर आवाज और विजुअल अलर्ट जारी करना चाहिए। यदि जरूरी हो तो आपातकालीन प्रक्रियाओं को बढ़ाना चाहिए। इसके अलावा, सीट बेल्ट और ऑटोमैटिक इमरजेंसी ब्रेकिंग जैसी सुरक्षा प्रणालियों को इन ड्राइविंग सिस्टम को चालू करने से पहले एक्टिव किया जाना चाहिए।

हालांकि अभी तक कोई भी सिस्टम निगरानी की सभी जरूरतों को पूरा नहीं कर पाई है। लेकिन फोर्ड का सिस्टम इन स्टैंडर्ड के काफी नजदीक है। वाहन निर्माता पहले से ही इस अध्ययन पर प्रतिक्रिया दे रहे हैं। जिनमें से कई अपने सिस्टम की निगरानी क्षमताओं को बेहतर बनाने के लिए सॉफ्टवेयर अपडेट तैयार कर रहे हैं।
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ADAS Technology - फोटो : For Reference Only
अध्ययन के जवाब में, टोयोटा, जीएम, निसान और मर्सिडीज जैसे वाहन निर्माताओं ने अपने सिस्टम में सुधार करने और ड्राइवर की सुरक्षा बढ़ाने के लिए IIHS के साथ काम करने की अपनी प्रतिबद्धता जताई है। हालांकि, बीएमडब्ल्यू ने ड्राइवर निगरानी के संबंध में एक दार्शनिक अंतर को स्वीकार किया है। लेकिन यह भी कहा है कि वह अपडेट में IIHS के सुझावों पर विचार करेगा।

यह अध्ययन ऑटोमैटिक ड्राइविंग सिस्टम में ज्यादा कड़े ध्यान-निगरानी स्टैंडर्ड की जरूरत पर जोर देता है। ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि ड्राइवर इन टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल करते समय सतर्क और सड़क पर ध्यान केंद्रित रख सके।
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