मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 200 कहती है कि कुछ अपराधों में मौके पर ही जुर्माना भरने का प्रावधान है। इसका मतलब यह है कि ऐसे मामलों के निस्तारण के लिए कोर्ट जाने की जरूरत नहीं पड़ती। नियम तोड़ने पर सरकार की तरफ से नियुक्त अधिकारियों को जुर्माना राशि भर सकते हैं। एक्ट कहता है कि 24 श्रेणियों के तहत किए गए अपराधों को किसी भी स्टेज पर कंपाउंड किया जा सकता है। इनके लिए, संबंधित राज्य सरकारें जुर्माना और अन्य दंड की सीमा को सूचित कर सकती हैं।
इन 24 श्रेणियों के अलावा मोट व्हीकल एक्ट के तहत बाकी अपराध गैर-अक्षम्य हैं यानी नॉन-कंपाउंडेबल हैं। जिसका अर्थ है कि ऐसे सभी मामलों में नियम तोड़ने वालों को चालान का भुगतान करने के लिए अदालत में पेश होना होगा। ऐसे मामलो में राज्य सरकार केंद्र की तरफ से अधिसूचित न्यूनतम राशि से कम जुर्माना नहीं लगा सकती हैं।
कंपाउंडेबल अपराध |
राशि |
नए मोटर व्हीकल में कंपाउंडेबल में शामिल 24 श्रेणियों में से 14 अपराधों की सूची में प्रदूषण फैलाना भी इसमें शामिल हैं। |
| बिना टिकट यात्रा | 500 रुपये | |
| अनाधिकृत व्यक्ति को वाहन चलाने के लिए देना | 5,000 रुपये | |
| आदेश मानने से इंकार या जानकारी नहीं देना | 2,000 रुपये | |
| बिना लाइसेंस ड्राइविंग | 5,000 रुपये | |
| अयोग्य होने के बावजूद ड्राइविंग | 10,000 रुपये | |
| ड्राइविंग के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल | पहली बार 5,000 रुपये फिर 10,000 रुपये | |
| स्पीड या रेसिंग | पहली बार 5,000 रुपये फिर 10,000 रुपये | |
| बिना परमिट कमर्शियल वाहन चलाना | पहली बार 10 हजार रुपये, उसके बाद 10 हजार के जुर्माने के साथ जेल | |
| सीट बेल्ट न पहनने पर | 1,000 रुपये | |
| हेलमेट न पहनने पर (ड्राइवर और पीछे बैठा व्यक्ति) | 1,000 रुपये | |
| इमरजेंसी वाहनों को रास्ता न देना | 10,000 रुपये | |
| साइलेंट जोन में हॉर्न बजाना | पहले 1,000 रुपये फिर 2,000 रुपये | |
| गैर बीमाकृत वाहन चलाना | पहली बार 2,000 रुपये, उसके पश्चात 4,000 रुपये | |
| प्रदूषण फैलाना | 10,000 रुपये | |
ये हैं अनकंपाउंडेबल अपराध |
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| रेडलाइट जंप, रॉन्ग साइड ड्राइविंग, शराब पीकर ड्राइविंग, नाबालिग का ड्राइविंग करते पकड़े जाना या ऐसे अपराध जिनमें कड़े जुर्माने के साथ जेल जाने का प्रावधान। | ||