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केंद्र की सख्ती : ट्रैफिक नियम तोड़ने पर अब 15 दिनों में घर पहुंच जाएगा ई-चालान, जानें डिटेल्स

Thu, 19 Aug 2021 07:13 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

यदि वाहन यातायात नियमों का उल्लंघन करते हुए पाए जाते हैं, तो उम्मीद करें कि इलेक्ट्रॉनिक चालान या ई-चालान अब से सिर्फ 15 दिनों के अंदर वाहन मालिकों के घर पहुंच जाएगा।
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ट्रैफिक पुलिस - फोटो : For Reference Only
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विस्तार
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देश में अब यातायात नियम का उल्लंघन करने पर सख्ती बरती जा रही है। केंद्रीय परिवहन मंत्रालय ने इस दिशा में एक और कदम आगे बढ़ाया है। यदि कोई वाहन यातायात नियमों का उल्लंघन करते हुए पाए जाते हैं, तो उम्मीद करें कि इलेक्ट्रॉनिक चालान या ई-चालान अब से सिर्फ 15 दिनों के अंदर वाहन मालिकों के घर पहुंच जाएगा। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) ने यातायात उल्लंघनों की इलेक्ट्रॉनिक निगरानी और नियमों के प्रवर्तन की अनुमति देने के लिए केंद्रीय मोटर वाहन नियमों में संशोधन किया है।
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सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने संशोधित मोटर वाहन अधिनियम के तहत एक अधिसूचना जारी की है, जिसमें चालान जारी करने के लिए इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस का उपयोग किया जाएगा। 

MoRTH ने आज इस फैसला के डिटेल्स की जानकारी साझा की है। इसमें कहा गया है, "इलेक्ट्रॉनिक एनफोर्समेंट (प्रवर्तन) उपकरणों में स्पीड कैमरा, क्लोज-सर्किट टेलीविजन कैमरा, स्पीड गन, बॉडी वियरेबल कैमरा, डैशबोर्ड कैमरा, ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर), वेट-इन मशीन (डब्ल्यूआईएम) और राज्य सरकार द्वारा निर्दिष्ट ऐसी कोई अन्य टेक्नोलॉजी शामिल है।"
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राज्य सरकारों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि उपकरणों को सभी राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य राजमार्गों और प्रमुख शहरों में अन्य महत्वपूर्ण सड़कों पर हाई रिस्क (उच्च जोखिम) या हाई डेंसिटी (उच्च-घनत्व) वाले हिस्सों पर रखा जाए, जहां की आबादी 10 लाख से ज्यादा है। यह कदम देश भर में यातायात उल्लंघनों की संख्या को कम करने और यह सुनिश्चित करने के लिए है कि कानून अपना काम करे। अधिसूचना में लगभग 132 शहरों का जिक्र किया गया है। 

मंत्रालय ने यह भी कहा, "अपराध की सूचना अपराध की घटना के 15 दिनों के भीतर भेजी जाएगी और इलेक्ट्रॉनिक निगरानी के जरिए एकत्र किए गए इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड को चालान के निपटान तक संग्रहीत किया जाना चाहिए।"

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दिल्ली समेत कई शहरों में ई-चालान सिस्टम पहले से मौजूद है, जहां ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने वाले वाहन के मालिक को नोटिस भेजा जाता है। मंत्रालय अब अपराध को रिकॉर्ड करने के लिए बॉडी वियरेबल कैमरा (शरीर पर पहनने वाले कैमरे) या डैशबोर्ड कैमरों जैसे उपकरणों की मदद से इसके दायरे को और अधिक स्थानों तक बढ़ाने और इसे और अधिक प्रभावी बनाने का इरादा रखता है। 
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