फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Tesla: टेस्ला ने टैक्स कम करने के लिए पीएमओ में दी दस्तक, इस साल शुरू करना चाहती है इलेक्ट्रिक कार की बिक्री

Thu, 21 Oct 2021 03:07 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

Tesla Inc (टेस्ला इंक) ने भारतीय बाजार में एंट्री करने से पहले इलेक्ट्रिक वाहनों पर आयात करों को कम करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय से अनुरोध किया है।
विज्ञापन
Tesla Model 3 - फोटो : Facebook/Automobili Ardent
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

Tesla Inc (टेस्ला इंक) ने भारतीय बाजार में एंट्री करने से पहले इलेक्ट्रिक वाहनों पर आयात करों को कम करने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यालय से अनुरोध किया है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चार सूत्रों ने बताया, टेस्ला ने कुछ भारतीय वाहन निर्माताओं की आपत्तियों को खारिज कर दिया। टेस्ला इस साल भारत में आयातित कारों की बिक्री शुरू करना चाहती है। लेकिन उनका कहना है कि भारत में टैक्स दुनिया में सबसे ज्यादा हैं।
विज्ञापन


टेस्ला ने टैक्स कटौती के लिए सबसे पहले जुलाई में अनुरोध किया था। जिस पर देश में ऑटोमोबाइल सेक्टर की कई स्थानीय कंपनियों ने आपत्ति जताई थी। इनका कहना है कि इस तरह के कदम से घरेलू मैन्युफेक्चरिंग में निवेश बाधित होगा। 

भारत में टेल्सा के नीति प्रमुख मनुज खुराना सहित कंपनी के अधिकारियों ने पिछले महीने एक बंद दरवाजे की बैठक में कंपनी की मांगों को मोदी के अधिकारियों के सामने रखा, और यह तर्क दिया कि टैक्स बहुत ज्यादा हैं। इस चर्चा से परिचित चार सूत्रों ने यह बताया। 
विज्ञापन

tesla car - फोटो : istock
एक सूत्र के अनुसार, मोदी के कार्यालय में बैठक के दौरान, टेस्ला ने कहा कि भारत में शुल्क संरचना देश में उसके कारोबार को "व्यवहार्य प्रस्ताव" नहीं बनाएगी।

भारत 40,000 डॉलर या उससे कम लागत वाले इलेक्ट्रिक वाहनों पर 60 प्रतिशत का आयात शुल्क और 40,000 डॉलर से अधिक कीमत वाले वाहनों पर 100 प्रतिशत शुल्क लगाता है। विश्लेषकों ने कहा है कि इन दरों पर टेस्ला की कारें खरीदारों के लिए बहुत महंगी हो जाएंगी और उनकी बिक्री को सीमित कर सकती हैं। 
विज्ञापन

Elon Musk - फोटो : For Reference Only
तीन सूत्रों ने कहा कि टेस्ला ने अपने मुख्य कार्यकारी एलन मस्क और मोदी के बीच अलग से एक बैठक का अनुरोध भी किया है। मोदी के कार्यालय और टेस्ला के साथ-साथ इसके कार्यकारी खुराना ने इस बारे में टिप्पणी के अनुरोध का जवाब नहीं दिया।

फिलहाल यह साफ नहीं है कि मोदी के कार्यालय ने विशेष रूप से टेस्ला को जवाब में क्या बताया। लेकिन मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक चार सूत्रों ने बताया कि अमेरिकी वाहन निर्माता की मांगों पर सरकारी अधिकारियों की राय विभाजित हैं। कुछ अधिकारी चाहते हैं कि कंपनी किसी भी आयात टैक्स में कटौती पर विचार करने से पहले स्थानीय मैन्युफेक्चरिंग के लिए प्रतिबद्ध हो।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें