संशोधित मोटर व्हीकल एक्ट में शराब पीकर ड्राइविंग करने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। वहीं इमजेंसी वाहनों जैसे एंबुलेंस, फायर ब्रिगेड और पीसीआर का रास्ता रोकना भारी पड़ सकता है। ऐसा करने पर 10 हजार रुपये तक का जुर्माना ठोका जा सकता है। संशोधित विधेयक में 18 साल से कम उम्र में बिना लाइसेंस के गाड़ी चलाने, रैश ड्राइविंग, शराब पीकर गाड़ी चलाने, ओवर स्पीड में गाड़ी चलाने पर भारी जुर्माने का प्रावधान है।
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बिल में ओवरस्पीडिंग पर 1,000 से 2,000 रुपये और बिना बीमा पॉलिसी गाड़ी चलाने पर 2,000 रुपए जुर्माना लगाया जा सकेगा। वहीं बिना हेलमेट पकड़े जाने पर तीन महीने तक लाइसेंस सस्पेंड किया जायेगा। इसके अलावा अगर कोई नाबालिग ने गाड़ी चलाते हुए पकड़ा गया तो गाड़ी के मालिक और अभिभावक दोषी होंगे। इसमें 3 साल की सजा और 25 हजार रुपये का जुर्माना देना पड़ेगा साथ ही गाड़ी का रजिस्ट्रेशन भी रद्द हेगा। यदि कोई ट्रैफिक नियम तोड़ता हुआ पकड़ा गया तो 500 रुपए जुर्माना देना पड़ेगा। इतना ही नहीं यदि कोई अधिकारियों का आदेश नहीं मानेगा तो फिर 500 रुपये की जगह दो हजार रुपए तक का जुर्माना देना पड़ेगा। इसके अलावा गाड़ी के अनधिकृत इस्तेमाल करने पर भी 5,000 रुपए के जुर्माने का प्रावधान है। इतना ही नहीं ओला, उबर जैसे एग्रीगेटर्स ने ड्राइविंग लाइसेंस के नियमों का उल्लंघन किया तो उन्हें एक लाख रुपए तक जुर्माना भरना पड़ेगा।
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हिट एंड रन मामलों में पीड़ित परिवारों को 2 लाख तक की मदद सरकार देगी, अभी यह रकम 25 हजार रुपये है।अगर नाबालिग ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करते हैं, तो उसके पेरेंट्स या वाहन के मालिक को भी जिम्मेदार माना जाएगा। अब वे ये कह कर नहीं बच पाएंगे कि उनकी जानकारी में नहीं था। नाबालिग पर जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत मुकदमा चलेगा और वाहन का रजिस्ट्रेशन रद्द किया जाएगा।
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