महाराष्ट्र सरकार ने राज्य में एक इलेक्ट्रिक वाहन (ईवी) मैन्युफेक्चरिंग प्लांट स्थापित करने के लिए Causis E-Mobility Pvt Ltd (कॉसिस ई-मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड) के साथ 2,800 करोड़ रुपये के समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। राज्य सरकार ने इस ईवी उत्पादन यूनिट को पुणे के तालेगांव में लगाने की योजना बनाई है।
राज्य के पर्यावरण और पर्यटन मंत्री आदित्य ठाकरे ने कहा कि 2,800 करोड़ रुपये के इस निवेश से रोजगार पैदा करने में भी मदद मिलेगी। रिपोर्ट में उनके हवाले से कहा गया, "निवेश से 1,250 रोजगार के अवसर पैदा होंगे।" उन्होंने यह भी कहा कि राज्य सरकार और कॉसिस ई-मोबिलिटी प्राइवेट लिमिटेड के बीच समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए गए, जो यूके स्थित कॉसिस ग्रुप का संयुक्त उद्यम है। इस समझौते से भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने के मामले में महाराष्ट्र अग्रणी राज्य बन जाएगा।
ज्ञापन का पहला चरण ईवी मैन्युफेक्चरिंग यूनिट की स्थापना है। जिसके बाद यह कंपनी इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए बैटरी की आपूर्ति के लिए राज्य में अपनी बैटरी गीगाफैक्टरी भी लगाएगी।
राज्य सरकार ने इस साल जुलाई में अपनी विद्युत वाहन नीति का खुलासा किया था। अब सरकार ने महाराष्ट्र के परिवहन इकोसिस्टम को आसानी से शिफ्ट करने के लिए एक रोड मैप तैयार किया है। इनमें निवेश आकर्षित करना, मैन्युफेक्चरिंग यूनिट्स की स्थापना को सुगम बनाना, इलेक्ट्रिक वाहनों के उत्पादन को प्रोत्साहित करना, उनके घटक और ईवी आपूर्ति उपकरण शामिल हैं। राज्य सरकार की ईवी नीति ईवी चार्जिंग बुनियादी ढांचे के लिए विशेष प्रोत्साहनों पर भी विचार करती है।
महाराष्ट्र औद्योगिक विकास निगम (एमआईडीसी) ने एक बयान में कहा कि यह समझौता ज्ञापन ईवी वाहन निर्माण को बढ़ाएगा और शून्य-उत्सर्जन लक्ष्य को हासिल करने में रणनीतिक साबित होगा।