NHAI के मुताबिक अगर किसी टोल पर RFID स्कैनर में कोई खराबी है और फास्टैग को स्कैन नहीं कर पा रहा है, तो इसके लिए वाहन चालक को कोई कोई पैसा नहीं चुकाना होगा और उसे फ्री में जाने की इजाजत दी जाएगी। इसके लिए टोल प्लाजा को निर्देश दिए गए हैं। साथ ही उन्हें टोल पर बोर्ड लगाने के लिए भी कहा गया है, जिससे जागरुकता फैलाई जा सके।
अगर आप टोल प्लाजा से गुजरते हैं और RFID स्कैनर मशीन में खराबी है, और वह गाड़ी में फास्टैग को स्कैन नहीं कर पाता है तो और टोल प्लाजा का गेट नहीं खुलता है, तो नेशनल हाईवे फी रूल्स के मुताबिक टोल प्लाजा संचालक बिना टोल के ही जाने देगा। साथ ही वह मैनुअल तरीके जीरो फीस की रसीद भी काटेंगे, ताकि उस गाड़ी का रिकॉर्ड दर्ज हो जाए। वहीं, अगर आपकी गाड़ी पर Fastag नहीं लगा है और आप टोल प्लाजा पर Fastag लेन से निकलना चाह रहें, तो आपको दोगुनी राशि चुकानी होगी। हालांकि, टोल प्लाजा पर एक लाइन बिना Fastag वाहनों के लिए भी होगा और इससे सामान्य टैक्स वसूला जाएगा।
देश भर में एक दिसंबर से चार पहिया वाहनों पर Fastag अनिवार्य किया गया है। यह इसलिए किया गया है कि आम जनता को जाम से निजात मिल सके। वहीं, एनएचआई के अनुसार अगर कोई ओवरलोड ट्रक टोल प्लाजा से गुजर रहा है, तो Fastag के जरिए ओवरलोड की राशि कट जाएगी।
एनएचएआई के मुताबिक, अगर किसी वाणिज्य वाहन पर 20 फीसदी तक ओवरलोड है, तो वाहन मालिक से दोगुना 20 से 40 फीसदी ओवरलोड पर चार गुना, 40 से 60 फीसदी ओवरलोड पर छह गुना, 60 से 80 फीसदी पर आठ गुना और 80 से 100 फीसदी ओवरलोड पर दस गुना तक का जुर्माने वसूला जाएगा। इसके लिए टोल पर वजन तोलने की मशीने जैसे उपकरण लगाए जा रहे हैं, तो ट्रक के वजन का आंकलन करके टोल राशि ऑटोमैटिक ही काट लेंगे।
अधिकारियों के मुताबिक कार, जीप वैन के लिए नीले रंग का फास्ट टैग निर्धारित किया गया है। हल्के वाणिज्य वाहनों के लिए लाल व पीला रंग, बस के लिए हरा व पीला रंग, मिनी बस के लिए संतरी रंग निर्धारित किया गया है।
ट्रक को उनकी क्षमता के अनुसार रंग दिया गया है। 12 से 16 हजार किलो वजन वाले ट्रक को हरा रंग, 14,200 से 25 हजार किलो के ट्रक को पीला रंग, 25 से 54 हजार किलो के वजनी ट्रक को गुलाबी तथा 54,200 किलो से अधिक वजन के ट्रक को आसमानी रंग दिया गया है। जेसीबी व अन्य निर्माण कार्य में प्रयोग होने वाली मशीन के लिए ग्रे रंग का फास्ट टैग निर्धारित हुआ है।