फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

AIIMS: दोपहिया वाहनों पर दुर्घटना के शिकार 40 प्रतिशत पीछे बैठे लोग नहीं पहनते हेलमेट, अध्ययन में खुलासा

Thu, 29 Feb 2024 03:00 PM IST
अमर शर्मा ऑटो डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

दिल्ली के एम्स ट्रॉमा सेंटर द्वारा 2022 में इकट्ठा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में दोपहिया वाहनों पर सवार होने वाले 40 प्रतिशत पीछे बैठने वालों ने हेलमेट नहीं पहना था, जिसके कारण उन्हें सिर में चोटें आईं।
विज्ञापन
Two Wheeler Rider - फोटो : For Reference Only
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दिल्ली के एम्स ट्रॉमा सेंटर द्वारा 2022 में इकट्ठा किए गए आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में दोपहिया वाहनों पर सवार होने वाले 40 प्रतिशत पीछे बैठने वालों ने हेलमेट नहीं पहना था, जिसके कारण उन्हें सिर में चोटें आईं।
विज्ञापन


हालांकि, आंकड़ों में यह भी पाया गया कि लगभग 85 प्रतिशत दोपहिया वाहन चालकों ने हेलमेट पहने थे। जबकि बाकी लोगों ने सिर पर चोट लगने से बचाव के लिए कोई सुरक्षा उपकरण नहीं पहना था, जिसकी वजह से उनकी मौत हुई या वे रोगी हो गए। यह जानकारी एम्स ट्रॉमा सेंटर के प्रमुख डॉ. कामरान फारूक ने दी।

उन्होंने 21 जनवरी से 22 दिसंबर के बीच ट्रॉमा सेंटर में जमा किए गए आंकड़ों का हवाला दिया।

उन्होंने आगे बताया कि आंकड़ों के अनुसार, 2022 में अस्पताल में लाए गए मृत व्यक्तियों में से लगभग 82 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाओं में घायल हुए थे।

डॉ. फारूक ने आगे बताया कि अस्पताल को 2022 में 53,541 ट्रॉमा मरीज मिले। जिनमें से लगभग 25 प्रतिशत सड़क दुर्घटनाओं के शिकार हुए थे।

डॉ. फारूक ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के ज्यादातर शिकार 20 से 40 साल के आयु वर्ग के होते हैं। चूंकि यह आयु वर्ग सबसे ज्यादा एक्टिव और उत्पादक होता है। इसलिए इनके दुर्घटनाओं का शिकार होना न सिर्फ उनके परिवार पर बल्कि देश की अर्थव्यवस्था पर भी गहरा असर डालता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा, "इसलिए, ऐसी व्यवस्थित प्रणाली होनी चाहिए जिससे सड़क दुर्घटना के शिकार लोगों को तत्काल मदद और इलाज मिल सके।"
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें