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Vastu Tips For Study: पढ़ाई करने के लिए करें सही दिशा का चुनाव, जीवन के हर क्षेत्र में मिलेगी सफलता

Wed, 04 Sep 2024 10:08 AM IST
श्वेता सिंह ज्योतिष डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

वास्तु शास्त्र के अनुसार, सीखने के स्थान का उचित निर्माण और सजावट बच्चों की शैक्षिक सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। सही दिशा, रंग, रोशनी और अव्यवस्था से बचकर, आप बच्चों को सकारात्मक और उत्साहवर्धक सीखने का माहौल प्रदान कर सकते हैं, जो सफल सीखने की कुंजी है।
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vastu tips for study room - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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Vastu Tips For Students: ज्योतिषशास्त्र हर उस चीज़ के लिए उपाय बताता है जो आपको कई समस्याओं से छुटकारा दिला सकता है। उनमें से एक है वास्तु शास्त्र, जो घर से लेकर रसोई, अध्ययन, धन आदि तक हर सीखने के स्थान को बच्चे की शिक्षा और आध्यात्मिक विकास के लिए एक महत्वपूर्ण स्थान बनाता है। वास्तु शास्त्र के अनुसार, सीखने के स्थान का उचित निर्माण और सजावट बच्चों की शैक्षिक सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। सही दिशा, रंग, रोशनी और अव्यवस्था से बचकर, आप बच्चों को सकारात्मक और उत्साहवर्धक सीखने का माहौल प्रदान कर सकते हैं, जो सफल सीखने की कुंजी है। ये पूर्व निर्धारित नियम हैं और जो कोई भी इन्हें स्वीकार करेगा वह सुखी और सफल जीवन जीएगा।

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आजकल नए जमाने में हर कोई अपने घर में एक स्टडी रूम बनाता है जहां बच्चे पढ़ते हैं। इस कमरे में वह अपनी पढ़ाई से जुड़ी हर चीज रखते हैं। इनमें  घड़ी,  स्टडी टेबल, किताब शामिल है। इस स्थान को तैयार करते समय व्यक्ति दिशा संबंधी गलती कर बैठता है या पढ़ाई करते समय गलत दिशा में बैठ जाता है और कड़ी मेहनत के बावजूद वांछित सफलता हासिल नहीं कर पाता और ज्ञान प्राप्त कर लेता है।
 

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इस दिशा में करें पढ़ाई
  • वास्तु शास्त्र के नियमों के अनुसार जब कोई बच्चा उत्तर-पूर्व दिशा में बैठकर पढ़ता है तो उसका मन रम जाता है और उसे हर बात समझ में आ जाती है। इसकी बदौलत वह जीवन में सदैव सफलता प्राप्त करेगा। चाहे वह प्रतियोगिता     की तैयारी हो या काम की।
  • बच्चों को कभी भी दक्षिण या दक्षिण-पूर्व की ओर मुख करके पढाई नहीं करनी चाहिए । यह दिशा अध्ययन के लिए उपयुक्त नहीं है। घंटों पढ़ाई के बावजूद उन्हें सफलता नहीं मिलती।
  • कई लोग सीढ़ियों के नीचे खाली जगह में अपने बच्चों के लिए पढ़ाई की जगह बना लेते हैं, लेकिन वास्तु शास्त्र कहता है कि यह गलत है। परिणामस्वरूप, बच्चे बहुत कोशिश करने पर भी सफल नहीं होंगे और उनका ज्ञान में कमी आती है।
  • वास्तु शास्त्र के अनुसार बच्चों को हमेशा उत्तर-पूर्व दिशा में बैठकर पढ़ाई करनी चाहिए। जिसके फलस्वरूप वह जीवन में सदैव उन्नति करता है। ये अपने माता-पिता का नाम भी रोशन करते हैं।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।

 

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