घर में खंडित मूर्तियां लाती हैं नकारात्मकता
घर में खंडित मूर्तियां रखने से नकारात्मक ऊर्जा बढ़ने लगती है। परिणामस्वरूप घर में ऐसी घटनाएं घटित होती हैं जो हमारे जीवन को प्रभावित करती हैं। टूटी हुई मूर्तियां नकारात्मक ऊर्जा को आकर्षित करती हैं और घर का माहौल खराब होने लगता है।
खंडित मूर्ति किस बात का संकेत
अक्सर ऐसा होता है कि घर में रखी भगवान की मूर्तियां बिना छुए या टकराए ही किसी कारण से गिरकर टूट जाती हैं। जब भगवान की कोई मूर्ति इस प्रकार टूटती है तो उसे खंडित कहा जाता है। ऐसा माना जाता है कि अगर घर में कोई बुरी चीज प्रवेश कर जाती है, तो आपकी पूजा के कारण भगवान उस बुराई को अपने ऊपर ले लेते हैं, जिससे मूर्ति नष्ट हो जाती है। वास्तु शास्त्र के अनुसार यदि मूर्ति इस प्रकार खंडित हो जाए तो उसे घर से बाहर निकालकर नदी में बहा देना चाहिए।
क्या कहते हैं धार्मिक शास्त्र
अगर हमारे घर में लगी मूर्ति किसी कारणवश टूट जाती है तो यह भी हमारे लिए एक शुभ संकेत है। हम मूर्तियों की पूजा इसलिए करते हैं ताकि हमारे घरों का वातावरण शांत रहे और भगवान की कुछ शक्ति वहां प्रवाहित हो। अगर मूर्तियां टूट गईं तो इसका मतलब है कि भगवान ने आपको कष्ट से बचा लिया है। इसलिए टूटी हुई मूर्ति को घर से हटा देना चाहिए और विधिपूर्वक नई मूर्ति स्थापित करनी चाहिए।
क्या करें खंडित मूर्ति का
भगवान की टूटी हुई मूर्तियों को जितनी जल्दी हो सके घर से हटा देना चाहिए। घर में लंबे समय तक टूटी हुई मूर्तियां रखने से नकारात्मक ऊर्जा प्रवेश करती है। एक बार भगवान की मूर्ति की प्रतिष्ठा हो जाने के बाद उसे लावारिस नहीं छोड़ना चाहिए या पानी में प्रवाहित नहीं करना चाहिए। ऐसी मूर्तियों को नजदीकी मंदिर या पुजारी को दे देना चाहिए जो इनका उचित उपयोग करेगा।
वहीं जिन मूर्तियों की प्राण प्रतिष्ठा नहीं हुई है उन्हें जल में या किसी पवित्र स्थान पर विसर्जित कर देना चाहिए। यह भी याद रखें कि अगर आपके घर में मूर्तियां या फ्रेम वाली तस्वीरें हैं तो अपने घर या पूजा कक्ष में टूटे फ्रेम वाली तस्वीरें रखने से बचें। अगर आप फोटो रखना चाहते हैं तो फ्रेम बदल लें या नया फ्रेम लगा लें।
डिस्क्लेमर (अस्वीकरण): ये लेख लोक मान्यताओं पर आधारित है। यहां दी गई सूचना और तथ्यों की सटीकता, संपूर्णता के लिए अमर उजाला उत्तरदायी नहीं है।