शनि का नाम आते ही लोगों के मन में डर समा जाता है। वैदिक ज्योतिष शास्त्र में शनि को क्रूर ग्रह माना गया है और जब भी ये अपनी चाल में बदलाव करते हैं तो इनका व्यापक असर सभी राशियों के ऊपर पड़ता है। शनि सभी ग्रहों में सबसे मंद गति से चलने वाले ग्रह हैं और शनि के राशि बदलने पर कुछ राशियों पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या शुरू हो जाती है, वहीं कुछ राशियों पर चल रही साढ़ेसाती और ढैय्या का प्रभाव खत्म हो जाता है। शनि एक राशि में करीब ढाई वर्षों तक रहते हैं फिर इसके बाद दूसरी राशि में जाते हैं। आपको बता दें कि शनि अभी अपनी मूल त्रिकोण राशि कुंभ में विराजमान हैं और अगले साल शनि कुंभ राशि से निकलकर मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। शनि के मीन राशि में प्रवेश करने पर कुछ राशि वालों पर शनि की साढ़ेसाती और ढैय्या से मुक्ति मिल जाएगी। वहीं शनि के साल 2025 में राशि परिवर्तन करने पर कुछ राशियों पर साढ़ेसाती और कुछ पर ढैय्या शुरू हो जाएगी। आइए जानते हैं साल 2025 में शनि के राशि परिवर्तन पर किन-किन राशियों पर प्रभाव पड़ेगा।
| राशि | शनि की साढ़ेसाती |
| मेष | 29 मार्च 2025 से 31 मई 2032 तक |
| वृषभ | 3 जून 2027 से 13 जुलाई 2034 तक |
| मिथुन | 8 अगस्त 2029 से 27 अगस्त 2036 तक |
| कर्क | 31 मई 2032 से 22 अक्टूबर 2038 तक |
| सिंह | 13 जुलाई 2034 से 29 जनवरी 2041 तक |
| कन्या | 27 अगस्त 2036 से 12 दिसंबर 2043 तक |
| तुला | 22 अक्टूबर 2038 से 8 दिसंबर 2046 तक |
| वृश्चिक | 28 जनवरी 2041 से 3 दिसंबर 2049 तक |
| धनु राशि | 12 दिसंबर 2043 से 3 दिसंबर 2049 तक |
| मकर राशि | साढ़ेसाती जारी और 29 मार्च 2025 को समाप्त |
| कुंभ | 24 जनवरी 2022 से जारी और 3 जून 2027 को समाप्त |
| मीन | साढ़ेसाती का दूसरा चरण जारी |