सभी ग्रहों में गुरु ग्रह को सबसे शुभ ग्रह माना गया है। यह भाग्य, ज्ञान और सम्मान के प्रतीक ग्रह कहे गए हैं। गुरु ग्रह धनु और मीन राशि के स्वामी होते हैं। यह कर्क राशि में उच्च के होते हैं यानी जब भी गुरु कर्क राशि में विराजमान होते है तो हमेशा शुभ फल ही प्रदान करते हैं। मकर राशि में गुरु नीच के होते है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार गुरु के कुंडली में अच्छी स्थिति में होने पर सदैव शुभ फल ही देते हैं।
20 नवंबर 2021 को गुरु आधी रात यानी 11 बजकर 17 मिनट पर शनि की राशि कुंभ राशि में प्रवेश करेंगे। गुरु की ऐसी पोजिशन 12 अप्रैल 2022 तक रहेगी फिर इसके बाद ये स्वयं की राशि यानी मीन राशि में प्रवेश कर जाएंगे। गुरु के कुंभ राशि में गोचर करने पर वृश्चिक राशि के जातकों पर कैसा पड़ेगा प्रभाव आइए इसका करते हैं ज्योतिषीय विश्लेषण..
वृश्चिक राशि पर गुरु के राशि परिवर्तन का असर
राशि से चतुर्थ सुख भाव में गोचर करते हुए गुरु का प्रभाव काफी उतार-चढ़ाव वाला रहेगा। किसी न किसी कारण से पारिवारिक कलह एवं मानसिक अशांति का सामना करना पड़ेगा। मित्रों तथा संबंधियों से भी अप्रिय समाचार प्राप्ति के योग। माता पिता के स्वास्थ्य के प्रति चिंतनशील रहें। कार्यक्षेत्र का विस्तार होगा। सरकारी कंपनियों में भी सर्विस के लिए आवेदन करना चाह रहे हों तो अवसर अनुकूल रहेगा। विदेशी मित्रों तथा संबंधियों से सुखद समाचार प्राप्ति के योग।
साल 2022 में गुरु ग्रह और तुला राशि पर प्रभाव
शुभता प्रदान करने वाले गुरु ग्रह साल 2022 में अपनी राशि बदलेंगे। ये 13 अप्रैल 2022 को स्वराशि मीन राशि में गोचर करेंगे। आइए जानते हैं पूरे साल गुरु ग्रह किन-किन स्थितियों में रहेंगे।
- साल के शुरुआती महीने में बृहस्पति कुंभ राशि में मौजूद रहेंगे।
- फिर इसके बाद 23 फरवरी 2022 को बृहस्पति अस्त होंगे।
- जहां से ये 27 मार्च 2022 को वापस से उदय होंगे।
- 13 अप्रैल 2022 को बृहस्पति अपनी खुद की राशि मीन में गोचर करेंगे। इसके बाद पूरे वर्ष ये मीन राशि में ही मौजूद रहेंगे।
- फिर इसके बाद बृहस्पति 29 जुलाई 2022 को मीन राशि में वक्री हो जाएंगे।
- साल के आखिर में यानी 24 नवंबर 2022 को बृहस्पति दोबारा से मार्गी होंगे।