इसे मोक्षदायिनी इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण ने गीता का उपदेश अर्जुन को दिया था। द्वापर युग में महाभारत युद्ध के दौरान जब अर्जुन अपने सगे संबंधियों पर बाण चलाने से घबराने लगे तब श्रीकृष्ण ने उन्हें जीवन, आत्मा और कर्तव्य के बारे में विस्तार से समझाया था।
मोक्षदा एकादशी के व्रत की विधि बहुत सरल है। इस दिन सुबह स्नानादि से निवृत्त होकर घर के मंदिर की सफाई करें और पूरे घर में गंगाजल छिड़कें। पूजाघर में भगवान को गंगाजल से स्नान कराएं। उन्हें वस्त्र अर्पित करें।