शास्त्रों में कहा गया है कि ग्रहण काल में स्नान, ध्यान, दान, मंत्र जप, स्तोत्र-पाठ, मंत्रसिद्धि, तीर्थस्नान, हवन-कीर्तन का विशेष फल है। इन सभी चीजों को करने से जीवन से जुड़ी बाधाएं दूर होती हैं और सुखों की प्राप्ति होती है। चन्द्रग्रहण के समय अपने आराध्य देवी-देवता के मंत्र का जाप करने से न सिर्फ आप ग्रहण के दुष्प्रभाव से बच सकते हैं, बल्कि उनकी कृपा भी प्राप्त कर सकते हैं। मंत्र सिद्धि के लिए तो यह सर्वश्रेष्ठ समय माना गया है। चंद्रग्रहण के समय इन मंत्रों का करें जाप —
चंद्रदेव का मंत्र — ॐ ऐं ह्रीं सोमाय नमः।
महादेव का मंत्र — ॐ नम: शिवाय।
भगवान विष्णु का मंत्र — ॐ नमो भगवते वासुदेवाय नम:।
देवी दुर्गा का मंत्र — 'ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चै।
हनुमान जी का मंत्र — ॐ रामदूताय नम:।
मां लक्ष्मी का मंत्र — ॐ श्रीं ह्लीं क्लीं ऐं ॐ स्वाहा:।
श्रीकृष्ण का मंत्र — क्लीं कृष्णाय नम:।