उनके अनुसार साल दर साल पांच वर्षों तक प्रति पोल से उत्पादन बढ़ते हुए 25 से 30 किलो हो जाता है। उन्होंने पिछले वर्ष 308 पोल से एक क्विंटल फल लिया है। ड्रैगन फ्रूट की खेती करने में उनके पिता राजेंद्र सिंह भी उनका सहयोग कर रहे हैं।
जिलाधिकारी उमेश मिश्रा ने कार्यालय में नवाचार के साथ फल की खेती करने वाले किसान ऋतुराज को पुरस्कार देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर उपकृषि निदेशक गिरीश चंद, जिला कृषि अधिकारी डॉ. अवधेश मिश्रा, एसडीओ मनोज रावत एवं आत्मा योजना प्रभारी योगेंद्र सिंह योगी आदि उपस्थित रहे।
जैविक खेती को बनाया लक्ष्य
किसान ऋतुराज ने बताया कि जैविक खेती को उन्होंने अपने जीवन का लक्ष्य बनाया है। वह अपने खेतों में गुड़, शक्कर, सरसों का तेल, उड़द, मूंग, बासमती चावल, शरबती चावल, काला गेहूं, हल्दी आदि आर्गेनिक उत्पादित कर रहे हैं। उन्होंने आर्गेनिक ऑर्चर्ड एलएलपी कंपनी बनाई। अपने उत्पाद को वह पैकिंग करके बेच रहे हैं।