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भारत, अमेरिका और जापान का साझा नौसेना युद्ध अभ्यास, परेशान चीन कर रहा यह काम
amarujala.com-presented by: मोहित
Updated Wed, 05 Jul 2017 01:37 PM IST
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भारत और चीन के बीच सीमा विवाद तो कई दशकों से चला आ रहा है लेकिन डोकलाम को लेकर जिस तरह दोनों देश आपस में भिड़े हुए हैं उससे यह साफ जाहिर हो रहा है कि 1962 जैसे हालात फिर से पैदा न हो जाए। इस पूरे विवाद में दोनों देशों द्वारा लगातार जवाबी हमले किए जा रहे हैं।
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रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने तो यहां तक कह दिया कि भारत अब 1962 वाला नहीं रहा जिसके जवाब में चीन ने कहा कि वह भी 1962 से ज्यादा ताकतवर है। दूसरी तरफ सिक्किम में भारत-चीन-भूटान सीमा पर भारत और चीन की सेना के बीच तनातनी और जुबानी जंग जारी है।
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रक्षा मंत्री के जुबानी हमले के बाद चीन ने हिंद महासागर में अपनी रक्षा उपकरणों को तैनात कर दिया। जिसके बाद भारत भी ऐसा करने में पीछे नहीं रहा। लेकिन चीन द्वारा लगातार हिंद महासगार और सीमा पर सैनिकों की तैनाती के बाद दोनों ही देशों पर दबाव है।
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इंडियन नेवी से जुड़े सूत्रों ने हिंदुस्तान टाइम्स को बताया कि 'बीते कुछ महीनों में चीन ने हिंद महासागर में अपनी गतिविधियों को नई उंचाईयों पर पहुंचा दिया है। जिसके जवाब में भारत पी-8 आई समुद्री निगरानी विमान और स्तही जहाजों जैसे निगरानी उपकरणों का इस्तेमाल कर दुश्मन की हर हरकत पर नजर बनाए हुए हैं।'
बता दें कि बीते कुछ महीनों में भारतीय नौसेना ने एक दर्जन से ज्यादा चीनी नौसेना पोतों विध्वंसक जहाजों सहित एक दर्जन से अधिक चीनी युद्धपोतों को देखा है।
नेवी सूत्रों का कहना है कि अगले हफ्ते से बंगाल की खाड़ी में भारत, अमेरिका और जापान का साझा नौसेना युद्ध अभ्यास शुरू होने जा रहा है। तीन देश अपने जंगी जहाज, पनडुब्बी के बेड़े समेत मालाबार युद्ध अभ्यास करेंगे। जिसके जवाब में ही इतने बड़े स्तर पर चीन अपनी सैन्य ताकत को इन क्षेत्रों में बढ़ाकर भारत पर दबाव डालना चाह रहा है।