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बॉर्डर पर तू-तू मैं-मैं के बाद G-20 समिट में आमने-सामने होंगे मोदी-जिनपिंग
amarujala.com- written by: संदीप भट्ट
Updated Mon, 03 Jul 2017 09:15 PM IST
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modi china xi
- फोटो : pti
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सिक्किम बार्डर पर भारत और चीन के बीच चल रही तनातनी के बाद भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग आमने सामने होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जर्मनी में होने वाले जी 20 सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। जर्मनी में आगामी 7 और 8 जुलाई तक जर्मनी के हंबर्ग शहर में जी 20 सम्मेलन होने जा रहा है। माना जा रहा है कि पीएम मोदी इस दौरान चीन के राष्ट्रपति से मुलाकात कर सकते हैं।
इस सम्मेलन में दुनिया की पांच उभरती अर्थव्यवस्थाएं भारत,ब्राजील, रूस, चीन, साउथ अफ्रीका हिस्सा लेंगे। चीन के उप विदेश मंत्री ने कहा कि इस दौरान पांच देशों के बीच औपचारिक बातचीत समेत कई मसलों पर बातचीत होगी।
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गौरतलब है कि 1962 के बाद से चीनी और भारतीय सेना के बीच डोकलाम पास पर तकरीबन एक महीने से टकराव की स्थिति बनी है। पिछले हफ्ते चीन द्वारा भूटान की जमीन पर सड़क बनाने और भारतीय सीमाक्षेत्र को अपना क्षेत्र बताने को लेकर दोनों सेना की बीच हाथापाई हुई। साथ ही चाइना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने आक्रामक रवैया अख्तियार करते हुए भारत के दो बंकरों को तबाह कर दिया था।
चीनी सेना की इस कार्रवाई के बाद भारतीय रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने चीन को चेताते हुए कहा कि समय बदल चुका है। यह 1962 का युग नहीं है। यह 2017 है। चीन को अपने सीमावर्ती देशों की भूमि को हथियाने के साथ अपनी विस्तारवादी सोच को छोड़ सभी देशों की संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी हाल ही में कहा था कि सभी देशों को एक-दूसरे की संप्रभुता का सम्मान करने की बात कही थी। लिहाजा चीनी सेना और प्रशासन को इस पर विचार करना चाहिए।
भारतीय सेना द्वारा लालटेन में 2012 में बनाए गए दो बंकरों को एक जून को चीनी सेना द्वारा ध्वस्त किए जाने के बाद से भारत ने भूटान-तिब्बत सीमा पर अपने पेट्रोलिंग बढ़ा दी है। साथ ही भारत ने अतिरिक्त बलों को भी सिक्किम के डोकाल पास के पास तैनात कर दिया गया है।
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जर्मनी में होने वाले जी 20 सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। जर्मनी में आगामी 7 और 8 जुलाई तक जर्मनी के हंबर्ग शहर में जी 20 सम्मेलन होने जा रहा है। माना जा रहा है कि पीएम मोदी इस दौरान चीन के राष्ट्रपति से मुलाकात कर सकते हैं।
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इस सम्मेलन में दुनिया की पांच उभरती अर्थव्यवस्थाएं भारत,ब्राजील, रूस, चीन, साउथ अफ्रीका हिस्सा लेंगे। चीन के उप विदेश मंत्री ने कहा कि इस दौरान पांच देशों के बीच औपचारिक बातचीत समेत कई मसलों पर बातचीत होगी।
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डोकलाम पास पर भारत-चीन में तनातनीOn 7th & 8th July I will join the G20 Summit in Hamburg, Germany. Here are more details. https://t.co/ODAqszS2mc
— Narendra Modi (@narendramodi) July 3, 2017
गौरतलब है कि 1962 के बाद से चीनी और भारतीय सेना के बीच डोकलाम पास पर तकरीबन एक महीने से टकराव की स्थिति बनी है। पिछले हफ्ते चीन द्वारा भूटान की जमीन पर सड़क बनाने और भारतीय सीमाक्षेत्र को अपना क्षेत्र बताने को लेकर दोनों सेना की बीच हाथापाई हुई। साथ ही चाइना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने आक्रामक रवैया अख्तियार करते हुए भारत के दो बंकरों को तबाह कर दिया था।
चीनी सेना की इस कार्रवाई के बाद भारतीय रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने चीन को चेताते हुए कहा कि समय बदल चुका है। यह 1962 का युग नहीं है। यह 2017 है। चीन को अपने सीमावर्ती देशों की भूमि को हथियाने के साथ अपनी विस्तारवादी सोच को छोड़ सभी देशों की संप्रभुता का सम्मान करना चाहिए।
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने भी हाल ही में कहा था कि सभी देशों को एक-दूसरे की संप्रभुता का सम्मान करने की बात कही थी। लिहाजा चीनी सेना और प्रशासन को इस पर विचार करना चाहिए।
भारतीय सेना द्वारा लालटेन में 2012 में बनाए गए दो बंकरों को एक जून को चीनी सेना द्वारा ध्वस्त किए जाने के बाद से भारत ने भूटान-तिब्बत सीमा पर अपने पेट्रोलिंग बढ़ा दी है। साथ ही भारत ने अतिरिक्त बलों को भी सिक्किम के डोकाल पास के पास तैनात कर दिया गया है।