US कंपनियों के सीईओ मिले मोदी, कहा-अमेरिकी बिजनेस स्कूलों के लिए शोध का विषय है जीएसटी
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पीएम मोदी ने अमेरिका में अपने कार्यक्रमों की शुरुआत रविवार को शीर्ष अमेरिकी कंपनियों के सीईओ के साथ राउंड टेबल बैठक के साथ की। पीएम ने जोर देकर करहा कि भारत का विकास दोनों देशों के लिए समान भागीदारी पेश करता है। अमेरिकी कंपनियों के लिए उसमें योगदान के काफी अवसर हैं। पीएम ने खासतौर पर पहली जुलाई से लागू होने जा रहे वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) का उल्लेख किया।
उन्होंने कहा कि जीएसटी लागू करने का फैसला अमेरिकी बिजनेस स्कूलों के लिए शोध का विषय हो सकता है। पीएम ने कहा कि आज सारी दुनिया भारत की ओर देख रही है।
भारत में कारोबारी सुगमता के लिए हमने कई कदम उठाए हैं। हमारी सरकार ने इस क्षेत्र में 7,000 सुधार किए हैं। इस बैठक में एप्पल के टिम कुक, माइक्रोसॉफ्ट के सत्या नाडेला, एडोब के शांतनु नारायण और गूगल के सुंदर पिचाई समेत अमेरिकी की टॉप 21 कंपनियों के सीईओ मौजूद रहे।
पीएम मोदी से मुलाकात के बाद गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने कहा 'मुझे लगता है कि हर कोई भारत में निवेश करने के लिए उत्साहित है और मैं सोच रहा हूं कि हम मिलकर क्या कर सकते हैं।'
Looking forward to roll out,I know it was difficult; excited to see it happen,shows you can achieve reform by pushing for it: Pichai on #GST pic.twitter.com/BAkAwEqSb5
— ANI (@ANI_news) June 25, 2017
बता दें कि पीएम 26 जून को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मिलेंगे। इस यात्रा में उनका शेड्यूल ऐतिहासिक तरीके से प्लान किया गया है।
जीएसटी पर बोले पिचाई, सुधार लागू कर सकते हैं, बशर्ते जोर लगाया जाए
पीएम मोदी के साथ राउंड टेबल बैठक के बाद गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई ने भारत में पहली जुलाई से लागू हो रहे जीएसटी पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा, ‘भारत में जीएसटी लागू हो रहा है।यह कठिन है। ये देखना दिलचस्प होगा कि यह कैसे होता है। आप सुधार लागू कर सकते हैं, बशर्ते उसके लिए जोर लगाया जाए।’
पिचाई ने कहा कि पीएम मोदी के कई योजनाओं पर चर्चा हुई। वह इस बात पर नजर रख रहे हैं कि कैसे भारत और ज्यादा निवेश को अपनी ओर खींच सकता है।
वही नहीं बल्कि सभी, भारत में और निवेश को लेकर आशान्वित हैं। उन्होंने कहा, ‘मैं सोचता हूं कि सभी भारत में और निवेश को लेकर उम्मीदों से भरे हुए हैं। मैं भी ऐसी ही सोच रखता हूं। हम यह देखेंगे कि साथ में क्या कर सकते हैं।’