विकास की नई गाथा लिख रही काशी 2022 में सुविधाओं के चलते विश्व फलक पर चमकने की तैयारी में है। पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप में रोपवे चलाने वाला देश के पहले शहर के रूप में काशी ना केवल पर्यटकों को रिझाएगी, बल्कि यहां रहने वालों की सुविधाओं में चार चांद लगाएगी।
काशी विश्वनाथ धाम का भव्य स्वरूप भी इस साल निखरकर सामने आएगा। पूर्वांचल की पहली सिग्नेचर बिल्डिंग और उस पर स्काई वॉक काशी के विकास की ऊंची इबारत लिखेंगे। पतितपावनी गंगा में एक साथ चार क्रूज दुनिया भर के सैलानियों को गंगा की लहरों में आध्यात्म के साथ पर्यटन का लुत्फ दिलाएंगे।
नए साल में काशी में जल और थल के बाद नभ की सवारी के लिए तैयारी होगी। देश के पहले रोपवे वाले पब्लिक ट्रांसपोर्ट शहर में शुमार होने वाला बनारस कैंट से गिरिजाघर तक इसके जाल से जुड़ेगा। जनवरी में शिलान्यास की तैयारी है। 400 करोड़ की परियोजना में रोजाना 80 हजार लोग इस पर सफर करेंगे।
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स्काईवॉक
- फोटो : सांकेतिक तस्वीर
मंडलायुक्त कार्यालय में 225 करोड़ रुपये से पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप के जरिए बनने वाली सिग्नेचर बिल्डिंग और स्काई वॉक की आधारशिला भी इसी साल रखी जाएगी। सिग्नेचर बिल्डिंग डमरू के आकार का होगा।
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रिंग रोड, वाराणसी
- फोटो : सोशल मीडिया
रिंग रोड के निर्माण के बाद शहर की सड़कों को भारी वाहन से मिली राहत के बाद अब शहर की सड़कों के दिन बहुरने वाले हैं। प्रयागराज से काशी के प्रवेश द्वार रोहनिया से लहरतारा तक सिक्सलेन भी अब शहर की नई पहचान बनेगा। करीब 400 करोड़ की इस परियोजना के साथ ही चांदपुर से भदोही मार्ग के फोरलेन होने से शहरवासी आसानी से रिंग रोड पर पहुंचेंगे। इसके साथ ही लहरतारा से बीएचयू तक फोरलेन पूरी शहर को जाम से निजात दिलाएगा।
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रिंग रोड, वाराणसी
- फोटो : अमर उजाला
सबसे बड़ी सौगात फुलवरिया फोरलेन के रूप में मिलेगी। इसमें शहर के दो प्रवेश द्वार भी एक साथ जुड़ जाएंगे। लहरतारा सिक्सलेन को बाबतपुर मार्ग से जोड़ने वाली यह सड़क व फ्लाईओवर पुरानी काशी के लोगों का वरुणा पार से जुड़ाव मजबूत करेगा। कारण, यहां से कचहरी, शिवपुर सहित अन्य क्षेत्रों में जाना बेहद आसान हो जाएगा। इस परियोजना के मार्च 2022 तक पूरा होने की उम्मीद है।