श्रीकाशी विश्वनाथ धाम के लोकार्पण की तैयारी जोरों पर है। 13 दिसंबर को आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में जहां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शामिल होंगे, वहीं कई विशिष्ठ अतिथियों को भी इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए निमंत्रण दिया गया है। लोकार्पण का निमंत्रण पत्र भी अपने आप में बेहद खास है। इसमें मंदिर के काशी विश्वनाथ मंदिर साढ़े तीन सौ सालों के इतिहास के साथ ही वर्तमान तक की यात्रा का विवरण दर्ज है।
यह कार्ड श्री काशी विश्वनाथ मंदिर की पौराणिकता के साथ ही इतिहास को भी अपने आप में समेटे हुए है। अखिल भारतीय संत समिति के महामंत्री स्वामी जितेंद्रानंद सरस्वती ने बताया कि आमंत्रण पत्र में लिखा है कि वाराणसी देवाधिदेव महादेव भगवान शिव की नगरी के रूप में पूरे जगत में विख्यात है। इसे सामान्य श्रद्धालु काशी के रूप में भी जानते हैं।
मान्यता है कि भगवान शिव आज भी साक्षात काशी में विराजमान हैं। यहां मोक्षदायनी मां गंगा के दर्शन भी सुलभ हैं। सनातन हिंदू धर्म के केंद्र के रूप, बौद्ध और जैन पंथों के सिद्धों के साथ-साथ संतों, योगियों और कालांतर में शिक्षाविदों ने अपनी साधना और सिद्धि का केंद्र वाराणसी को बनाया।
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काशी विश्वनाथ धाम का निमंत्रण पत्र
- फोटो : अमर उजाला
आगे लिखा है- काशी में विराजमान बाबा विश्वनाथ का ज्योर्तिलिंग द्वादश ज्योर्तिलिंग में प्रमुख स्थान पर है। मध्यकाल में मुगलों ने इस पावन स्थल को भारी क्षति पहुंचाई थी। सन 1777-78 ई. में महारानी अहिल्याबाई होल्कर ने मंदिर परिसर का पुर्ननिर्माण कराया था। कालांतर में 19वीं सदी में महाराजा रणजीत सिंह ने मंदिर पर स्वर्ण शिखर लगवाया था।
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काशी विश्वनाथ धाम का निमंत्रण पत्र
- फोटो : अमर उजाला
निमंत्रण पत्र में आगे लिखा है- लगभग 200 वर्षों के बाद भारत के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो संसद में काशी लोकसभा सीट का प्रतिनिधित्व भी करते हैं, उनके द्वारा काशी की पुरातन आत्मा को संरक्षित रखते हुए नए कलेवर में श्री काशी विश्वनाथ धाम परिसर के नवनिर्माण को वैश्विक मंच पर प्रस्तुत किया गया है। नवीन श्रीकाशी विश्वनाथ धाम परिसर उन्हीं परिकल्पनाओं का मूर्त रूप है।
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काशी विश्वनाथ धाम का निमंत्रण पत्र
- फोटो : अमर उजाला
श्री काशी विश्वनाथ धाम का शुभ लोकार्पण कार्यक्रम माननीय प्रधानमंत्री जी के कर-कमलों से पूज्य संतों और धर्माचार्यों की उपस्थिति में 13 दिसंबर, 2021 (विक्रम संवत 2078 मार्गशीर्ष शुक्लपक्ष दशमी तिथि) को होने जा रहा है। अत: इस शुभ अवसर पर आपकी गरिमामयी उपस्थिति प्रार्थनीय है। कृपया पधारकर अनुगृहीत करने का कष्ट करें। आयोजन में देश भर के संतों के अलावा 2,500 से अधिक अतिथि शामिल होंगे।
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बाबा के धाम के लोकार्पण पर शिव की नगरी काशी जगमग होगी और शहर से गांव तक हर चौखट पर दीपमालिकाएं सजेंगी। शिव की नगरी में श्रद्धालु बाबा के धाम के लोकार्पण के उत्सव को भव्य बनाने की तैयारियों में जुटे हुए हैं। धाम के लोकार्पण के साथ ही 13 दिसंबर से तीन दिवसीय शिव दीपोत्सव की शुरुआत हो जाएगी।