आजमगढ़ के सरायमीर निवासी अंडरवर्ल्ड डान अबु सलेम से भले ही बड़े से बड़ा लोग कांपते थे लेकिन अंदर से अपनी सुरक्षा को लेकर वह भयभीत और सतर्क रहता है। आगे की स्लाइड में जानें कई और राज...
पुर्तगाल से प्रत्यर्पण के बाद डॉन अबु सलेम जेल में बंद था। अक्तूबर 2007 में अबू सलेम की मां जन्नतुन्निसां की मौत हो गई। मां की मौत के बाद अबु सलेम अपनी मां के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए आजमगढ़ आया हुआ था।
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abu salem
- फोटो : अमर उजाला
इस दौरान उसकी सुरक्षा में यूपी पुलिस के करीब 250 सिपाहियों के अलावा मुंबई पुलिस के भी काफी सिपाही सरायमीर में तैनात थे। उस वक्त डान की सुरक्षा में लगे एक दरोगा ने बताया कि अबु सलेम को उन्होंने बहुत ही करीब से देखा था।
भारी सुरक्षा होने के बाद भी वह लोगों से डर रहा था और पुलिसकर्मियों से हमेशा अपने आप को घेरकर रखने की बात कह रहा था। अबु सलेम वर्ष 2005 में पुर्तगाल से प्रत्यर्पण के बाद भारत आया था। भारत आने के बाद वह पहली बार अपनी मां के अंतिम संस्कार में और दूसरी बार उसके चालिसवें में शामिल होने के लिए आया था।
अबु सलेम ने वर्ष 1998 में आजमगढ़ के तत्कालीन एसपी सुनील कुमार गुप्ता के परिवार को भी बम से उड़ाने की धमकी दी थी। बताया जाता है कि मुबारकपुर थाने की पुलिस ने अंडरवर्ड डान अबु सलेम के भाई को दहेज हत्या के मामले में गिरफ्तार कर लिया था। भाई को छुड़ाने के लिए अबू सलेम ने ना केवल एड़ी चोटी का जोर लगा दिया बल्कि तत्कालीन एसपी के परिवार को उड़ाने की धमकी तक दे डाली।