मेरठ। महापौर बसपा का बनने की खुशी में समर्थक बेकाबू हो गए। बसपा समर्थकों ने पुलिस पर पत्थर फेंके तो पुलिस ने जवाब में लाठी चलाईं। आरएएफ ने भी खूब लाठी भांजी। किसके आदेश पर लाठीचार्ज हुआ, इसकी जांच एसएसपी ने कराने की बात कही है। एसएसपी ने पुलिस फोर्स से मौके पर पूछा कि किसने लाठीचार्ज करने की बात कही तो पुलिस अफसरों व आरएएफ ने चुप्पी साध ली। एसएसपी ने इस पर नाराजगी जताई है।
नारेबाजी से बिगड़ा माहौल, पुलिस पर जमकर पथराव, लाठीचार्ज की Live तस्वीरें
कताई मिल के पास जिस समय बखेड़ा हुआ, भीड़ को समझाने या संभालने की कोशिश करने के बजाय लाठीचार्ज कर दिया गया। पुलिस अफसरों का कहना है कि बसपा समर्थकों ने बैरियर से आगे जाने से रोकने पर पथराव किया। जिसके बाद लाठी फटकारी गई। लेकिन पुलिस और आरएएफ द्वारा लाठीचार्ज किसके आदेश पर किया गया, यह बताने को कोई तैयार नहीं। देखते ही देखते ऐसी भगदड़ मची थी कि बवाली और पथराव करने वाले तो पुलिस के हत्थे नहीं चढ़े। लेकिन चारों तरफ फोर्स बेकसूर लोगों को निशाना बना रही थी।
बजती रही सीटी और लाठी
एक मिनट में पूरी फोर्स नियंत्रण से बाहर हो गई। पुलिस और आरएएफ के अधिकारी फोर्स को लौटने के लिए सीटी बजाते रहे। लेकिन फोर्स सुनने वाली नहीं थी। पुलिस से बचने के लिए कई लोग पास के खेतों और बाग में घुसे तो वहां भी पुलिस ने किसी को नहीं बख्शा। इस दौरान कवरेज कर रहे मीडियाकर्मियों को भी आरएएफ ने निशाना बनाया।
किसी का मोबाइल फोन छीन लिया तो किसी का कैमरा छीनने की कोशिश करते अभद्रता की। मीडिया को जारी हुए पास कार्ड दिखाने व पुलिस अफसरों के समझाने पर आरएएफ के जवान अभद्रता करने से नहीं माने। बाद में आरएएफ के अफसरों ने जवानों को फटकार लगाकर लौटाया। आरएएफ के अधिकारियों ने कहा कि हमें एक दायरे में रहकर कानून व्यवस्था बनाकर रखनी है। कहीं भी भीड़ का पीछा करने का अधिकार नहीं है।
आरएएफ ने कैसे चला दी लाठी
आरएएफ को मुख्य बैरियर पर लगाया गया था। लेकिन आरएएफ किस पुलिस अधिकारी के हवाले थी, इस पर पूछताछ शुरू हो गई। जब पुलिस अफसरों ने लाठीचार्ज का आदेश देने से इंकार किया तो आखिर आरएएफ ने किसके इशारे पर लाठी बरसाई। एसएसपी मंजिल सैनी ने आरएएफ के अधिकारी को मौके पर बुलाया और उनकी ड्यूटी बैरियर पर लगाते हुए कहा कि यहां से आगे कोई नहीं जाएगा।
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