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आखिर क्यों नहीं खाना चाहिए एकादशी के दिन चावल

Sun, 01 Oct 2017 02:33 PM IST
amarujala.com- Presented by: विनोद शुक्ला
amarujala.com- Presented by: विनोद शुक्ला Updated Sun, 01 Oct 2017 02:33 PM IST
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when ekadashi falls do not eat rice

हिन्दू पंचांग के अनुसार एक साल में कुल 24 एकादशी होती है। जिस साल मलमास लगता है इस वर्ष इसकी संख्या बढ़ जाती है और यह 26 हो जाती है। हिन्दू धर्म में एकादशी के दिन व्रत रखकर भगवान विष्णु की पूजा करनी चाहिए। एकादशी भगवान विष्णु को बहुत प्रिय होती है। एकादशी व्रत में सादा जीवन का पालन करना चाहिए। इस व्रत में चावल खाना को वर्जित बताया गया है। आइए जानतें है क्यों।



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when ekadashi falls do not eat rice

शास्त्रों में एकादशी में चावल नहीं खाने की सलाह दी जाती है। ऐसा माना जाता है कि इस दिन चावल खाने से मनुष्य रेंगने वाले जीव की योनि में जन्म ले लेता है। वहीं वैज्ञानिक तथ्य के अनुसार चावल में जल की मात्रा अधिक पायी जाती है। इसको खाने से शरीर में जल की मात्रा बढ़ जाती है जिससे मन विचलित और चंचल होता है। 

when ekadashi falls do not eat rice

दरअसल एकादशी के दिन शरीर में जल की मात्रा जितनी कम रहती है व्रत करने में मन उतना ही साफ होता है। महाभारत में भगवान व्यास ने भीम को निर्जला एकादशी का व्रत करने का सुझाव दिया था।

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शास्त्रों में पेड़-पौधे में देवी-देवताओं का निवास स्थान माना जाता है। एकादशी के दिन किसी भी प्रकार की दातुन नहीं करना चाहिए।

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एकादशी के दिन पान नहीं खाना चाहिए। ऐसी मान्यता है कि पान खाने से मन में दूषित विचार आते हैं, इसलिए इस दिन पान नहीं खाना चाहिए।

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