पहले समय में
लड़कियां घर में रहने की वजह से अपने
ससुराल में सारे
एडजेस्टमेंट कर लेती थीं, लेकिन आजकल काम के लिए घर से बाहर जाने वाली लड़कियां लाइफ को कूल होकर जीना चाहती हैं।
विकासपुरी में रहने वाले पंडित विवेक शास्त्री जी बताते हैं कि लड़कियां आजकल सिर्फ लड़के से ही नहीं आपनी सास के साथ भी अपनी कम्पेटिबिलिटी चैक करती हैं। उनका कहना होता हैं कि लड़के के साथ तो एडजस्टमेंट हो ही जाता हैं लेकिन सास के साथ सोच का मिलना कभी-कभी थोड़ा मुश्किल होता है।
लड़ाई-झगड़े से बचाव
पंडित विवेक शास्त्री जी बताते हैं कि विवाह के पहले सास- बहू की कुंडली का मिलान करके लोग गृह कलह से बचना चाहते हैं। दरअसल महिलाएं घर में पुरूषों के मुकाबले ज्यादा समय बिताती हैं। ऐसे में अगर उनका स्वभाव आपस में नहीं मिलता तो आपस में मनमुटाव हो सकता है।
बेटे से दूर होने का डर
सिर्फ लड़कियां ही नहीं लड़के वाले भी आजकल कुंडली का मिलान करवाते समय अक्सर पूछते हैं कि लड़की घर- परिवार के लिए कैसी हैं। ये पूछने के पीछे उन्हें ये डर बना रहता है कि कहीं उनकी होने वाली बहु से उसका स्वभाव न मिलने पर वो उनके बेटे को उस से अलग न करवा दे।
शादी टूटने से बचाव
कुंडली का मिलान इसलिए भी लोग करवा रहे हैं क्योंकि उन्हें लगता हैं कि सास से नेचर नहीं मिलने पर कहीं उनका रिश्ता न टूट जाएं।
ससुराल में भी मां ढूंढती हैं लड़कियां
शादी से पहले लड़कियां अक्सर टेंशन फ्री रहती हैं। अपनी हर परेशानी को वो अपनी मां से शेयर करती हैं। हांलाकि शादी के बाद भी वो ऐसा कर पाएंगी कि नहीं ये सवाल उनके लिए बेहद अहम होता हैं इसलिए भी वो कुंडली मिलवाकर अपने इस सवाल का जवाब पहले ही जान लेना चाहती हैं।