अगर आपको भी आपने खर्राटों से शर्मिंदगी उठानी पड़ती है। आपके घरवाले भी आपके खर्राटों से परेशान हैं और तमाम कोशिशों के बावजूद भी ये समस्या जस की तस बनी हुई है तो चलिए हम आपकी इस परेशानी को काफी हद तक कम कर देते हैं। आपको हम कुछ ऐसे उपाय बताने जा रहे हैं, जो आपको सोने से पहले करना होगा।
सोने से पहले न करें इन चीजों का सेवन, नहीं तो खर्राटे कर देंगे परेशान
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सोने से पहले न लें अल्कोहल
कई दर्द निवारक दवाओं की तरह ही अल्कोहल भी शरीर की मांसपेशियों के खिंचाव को कम करती है और उन्हें विस्तार देती है। कई बार बहुत अधिक अल्कोहल के सेवन से गले की मांसपेशियां फैल जाती हैं जिससे खर्राटे आते हैं। इसीलिए सोने से पहले हो सकें तो अल्कोहल से बचें या फिर सीमित मात्रा में ही इसका सेवन करें।
धूम्रपान से बचें
धूम्रपान का फेफड़े पर सीधा प्रभाव पड़ता है। इससे फेफड़े की क्षमता पर विपरीत प्रभाव पड़ता है। कभी-कभी धूम्रपान करने वाले व्यक्ति को सोते वक्त ऑक्सीजन की कमी लगती है। इस स्थिति को स्लीप ऐप्नीआ यानी निद्रा अश्वसन कहते हैं। इस स्थिति में कई बार ऑक्सीजन प्राप्त करने के लिए भी शरीर खर्राटे लेता है।
तकिये पर भी दें ध्यान
अगर आप अपनी तकिया की खोल को समय-समय पर नहीं बदलते या साफ नहीं करते तो ये भी आपके खर्राटों की एक वजह है। कई बार सिर से रूसी या बाल तकिया पर गिरे होते हैं जो कई सूक्ष्म जीवों के लिए जमीन तैयार कर देते हैं। जब हम सांस लेते हैं तो ये एलर्जी शरीर की श्वास संबंधी क्षमता को खत्म कर देती है, जिससे निद्रा अश्वसन या स्लीप ऐपनीआ की समस्या होती है और खर्राटे तेज हो जाते हैं।
ये भी पढ़ें- गोभी के पत्ते के होते हैं गजब के फायदे, जानने के बाद कभी नहीं फेंकेंगे
अलग-अलग पोजिशन अपनाएं
वैसे तो पीठ के बल सोना ही सोने का सही तरीका है, लेकिन कई बार इस पोजीशन में सोने से खर्राटे की आशंका बढ़ जाती है। इस पोजीशन में तालु व जीभ गले के ऊपरी भाग पर होते हैं। इससे ऊंची पिच में ध्वनि उत्पन्न होती है और यह खर्राटों में तब्दील हो जाती है। इसीलिए आज से ही करवट के बल सोने की कोशिश करें। इससे खर्राटों की आशंका कम होगी।