स्मृति इरानी से मानव संसाधन विकास मंत्रालय छीन कर कपड़ा मंत्रालय दिया गया है। लगातार विवादों के चलते व संघ की पसंद नहीं होना उनके खिलाफ गया। वहीं मोदी सरकार की दो साल की उपलब्धियों में खरा नहीं उतरने पर सरकार द्वारा कराए गए सर्वे में जनता के रिपोर्ट कार्ड में स्मृति इरानी फेल हो गई। इन वजहों के चलते मोदी सरकार ने इरानी से मंत्रालय ले लिया। इसके अलावा यूपी चुनाव में भी उनको जिम्मेदारी दी जा सकती है।
डिग्री विवाद: स्मृति के मंत्री बनने के साथ ही उनकी डिग्री का विवाद शुरू हो गया था। स्मृति पर चुनावी शपथ पत्र में अपनी डिग्री का गलत जानकारी देने का आरोप लगा। स्मृति ने साल 1996 में बीए की डिग्री लेने की जानकारी दी वहीं दूसरे शपथ पत्र में उन्होंने 1994 में दिल्ली के एसओएल से बीकॉम पार्ट वन की परीक्षा पास होने की जानकारी दी। डीयू में चार साल का डिग्री कोर्स शुरू किया गया था। हालांकि मंत्री बनते ही स्मृति ने यूजीसी के नियमों के तहत इस डिग्री को हटाकर फिर से तीन साल का कर दिया। इसमें स्मृति ने कहा था कि डीयू ने राष्ट्रपति से अनुमति नहीं ली थी।
आईआईटी मद्रास विवाद: आईआईटी मद्रास में दलित छात्रों के ग्रुप अंबेडकर पेरियार को बैन करने की भी जमकर आलोचना हुई थी। इस दल के छात्रों पर आरोप था कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की आलोचना कैंपस में की थी। मोदी सरकार के खिलाफ भड़का रहे थे। स्मृति की बैन लगाने की सिफारिश पर हंगामा हुआ व मंत्रालय को आदेश वापस लेना पड़ा।
हैदराबाद यूनिवर्सिटी में विवाद: स्मृति के नाम- हैदराबाद यूनिवर्सिटी में दलित छात्र रोहित वेमूला की आत्महत्या मामले में मोदी सरकार की सबसे अधिक किरकिरी हुई। केंद्रीय मंत्री बेडारू दंतात्रेय की शिकायत पर शिक्षा मंत्री ने हैदराबाद विश्वविद्यालय प्रबंधन को मामले कार्यवाई का आदेश देने का भी आरोप है। पत्र में लिखा था कि जिन दलित छात्रों ने एबीवीपी के छात्र नेता की पिटाई की है इस मामले में जांच करवाए। विश्वविद्यालय प्रबंधन ने पांचों छात्रों को निकाल दिया था। इसके बाद उन पांच छात्रों में रोहित ने आत्महत्या कर ली थी।
जेएनयू में भी विवाद: संसद में रोहित मामले में विपक्ष के जवाब मांगने पर जो तथ्यों केआधार पर रिपोर्ट पेश की उसपर भी सवाल खड़े हो गए वहीं जेएनयू में देश विरोधी नारे लगाने के मामले में कन्हैया समेत अन्य छात्रों की गिरफ्तारी पर भी राजनीतिक पार्टियों ने स्मृति को आड़े हाथ लिया।