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जीएसटी लागू होने के बाद नहीं लगेंगे ये 14 टैक्स, 1 जुलाई से बिल भरते समय रखें ध्यान
टीम डिजिटल/अमर उजाला, नई दिल्ली
Updated Sat, 01 Jul 2017 09:26 AM IST
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जीएसटी
- फोटो : पीटीआई
1 जुलाई से देशभर में GST यानी गुड्स एंड सर्विसेज टैक्स लागू हो रहा है। जीएसटी को भारत के आर्थिक इतिहास में उदारीकरण के बाद सबसे बड़ा टैक्स रिफॉर्म बताया जा रहा है। जीएसटी लागू होने के बाद अलग-अलग तरह से लगने वाले करीब 14 टैक्स खत्म हो जाएंगे। इनकी जगह जीएसटी ले लेगा। इन 14 टैक्सों में वो सभी कर होंगे जिन्हें केंद्र या अलग-अलग राज्य सरकारें लगाती हैं।
gst
1
टैक्स- एक्साइज ड्यूटी
जिस पर लगता था- देश में बनने वाली सभी वस्तुओं पर
कौन लेता था- केंद्र सरकार
रेट- 12.5% तक
2
टैक्स- ड्यूटीज ऑफ एक्साइज
जिस पर लगता था- दवाओं और सफाई से जुड़े कुछ उत्पादों पर
कौन लेता था- केंद्र सरकार
3
टैक्स- एडीशनल ड्यूटीज ऑफ कस्टम
जिसपर लगता था- कुछ खास आयात होने वाले आयटम पर कस्टम ड्यूटी के अलावा लगता था। इसे सीवीडी प्रोडक्ट कहा जाता था।
कौन लेता था- केंद्र सरकार
टैक्स- एक्साइज ड्यूटी
जिस पर लगता था- देश में बनने वाली सभी वस्तुओं पर
कौन लेता था- केंद्र सरकार
रेट- 12.5% तक
2
टैक्स- ड्यूटीज ऑफ एक्साइज
जिस पर लगता था- दवाओं और सफाई से जुड़े कुछ उत्पादों पर
कौन लेता था- केंद्र सरकार
3
टैक्स- एडीशनल ड्यूटीज ऑफ कस्टम
जिसपर लगता था- कुछ खास आयात होने वाले आयटम पर कस्टम ड्यूटी के अलावा लगता था। इसे सीवीडी प्रोडक्ट कहा जाता था।
कौन लेता था- केंद्र सरकार
gst
4
टैक्स- स्पेशल एडीशनल ड्यूटीज ऑफ कस्टम
जिस पर लगता था- किसी खास व्यक्ति की ओर से किसी वस्तु को आयात करने पर, बेचने के बाद यह रिफंड हो जाता था।
कौन लेता था- केंद्र सरकार
5
टैक्स- सर्विस टैक्स
जिस पर लगता था- किसी भी सेवा पर, जैसे होटल, रेस्त्रां, अस्पताल या वकील की सेवा लेने पर।
कौन लेता था- केंद्र सरकार
रेट- 14 प्रतिशत
6
टैक्स- सेंट्रल सर्चार्ज(सेस)
जिस पर लगता था- सर्विस टैक्स और इनकम टैक्स पर, इसे एजुकेशन, स्वच्छ भारत अभियान और खेती के रूप में वसूला जाता था।
कौन लेता था- केंद्र सरकार
रेट- 1.5 फीसदी (कुल मिलाकर)
(नोट- सेस टैक्स की कैटेगरी में नहीं आता लेकिन टैक्स के साथ वसूला जाता है)
टैक्स- स्पेशल एडीशनल ड्यूटीज ऑफ कस्टम
जिस पर लगता था- किसी खास व्यक्ति की ओर से किसी वस्तु को आयात करने पर, बेचने के बाद यह रिफंड हो जाता था।
कौन लेता था- केंद्र सरकार
5
टैक्स- सर्विस टैक्स
जिस पर लगता था- किसी भी सेवा पर, जैसे होटल, रेस्त्रां, अस्पताल या वकील की सेवा लेने पर।
कौन लेता था- केंद्र सरकार
रेट- 14 प्रतिशत
6
टैक्स- सेंट्रल सर्चार्ज(सेस)
जिस पर लगता था- सर्विस टैक्स और इनकम टैक्स पर, इसे एजुकेशन, स्वच्छ भारत अभियान और खेती के रूप में वसूला जाता था।
कौन लेता था- केंद्र सरकार
रेट- 1.5 फीसदी (कुल मिलाकर)
(नोट- सेस टैक्स की कैटेगरी में नहीं आता लेकिन टैक्स के साथ वसूला जाता है)
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GST
7
टैक्स- राजकीय वैट
जिस पर लगता था- बिकने वाली किसी भी वस्तु या सेवा पर
कौन लेता था- राज्य सरकारें
8
टैक्स- सेल्स टैक्स
जिसपर लगता था- किसी भी वस्तु की बिक्री पर
कौन लेता था- राज्य सरकार
9
टैक्स- लग्जरी टैक्स
जिस पर लगता था- महंगे और शौक से जुड़ी वस्तुओं पर
कौन लेता था- राज्य सरकारें
टैक्स- राजकीय वैट
जिस पर लगता था- बिकने वाली किसी भी वस्तु या सेवा पर
कौन लेता था- राज्य सरकारें
8
टैक्स- सेल्स टैक्स
जिसपर लगता था- किसी भी वस्तु की बिक्री पर
कौन लेता था- राज्य सरकार
9
टैक्स- लग्जरी टैक्स
जिस पर लगता था- महंगे और शौक से जुड़ी वस्तुओं पर
कौन लेता था- राज्य सरकारें
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जीएसटी
10
टैक्स- स्टेट इंट्री टैक्स
जिस पर लगता था- एक राज्य से दूसरे राज्य में प्रवेश करने वाली किसी भी वस्तु पर
कौन लेता था- राज्य सरकारें
11
टैक्स- मनोरंजन कर
जिस पर लगता था- फिल्म देखने या किसी तरह के मनोरंजन पर
कौन लेता था- राज्य सरकारें या स्थानीय निकाय
12
टैक्स- विज्ञापन टैक्स
जिस पर लगता था- विज्ञापन करने वाली एजेंसियों पर
कौन लेता था- राज्य सरकार
टैक्स- स्टेट इंट्री टैक्स
जिस पर लगता था- एक राज्य से दूसरे राज्य में प्रवेश करने वाली किसी भी वस्तु पर
कौन लेता था- राज्य सरकारें
11
टैक्स- मनोरंजन कर
जिस पर लगता था- फिल्म देखने या किसी तरह के मनोरंजन पर
कौन लेता था- राज्य सरकारें या स्थानीय निकाय
12
टैक्स- विज्ञापन टैक्स
जिस पर लगता था- विज्ञापन करने वाली एजेंसियों पर
कौन लेता था- राज्य सरकार