विश्वविख्यात पर्यटक स्थल श्रीनगर के गुलमर्ग में रविवार का दिन पर्यटकों के लिए काल बनकर आया। गंडोला (रोपवे) टूटने से सात पर्यटकों की मौत हो गई। इनमें दिल्ली निवासी परिवार के चार सदस्य भी शामिल हैं। ये परिवार दिल्ली के शालीमार बाग के रहने वाले थे। श्रीनगर के गुलमर्ग में हुए गंडोला केबल कार हादसे में जयंत अंद्रासकर, उनकी पत्नी और दो बेटियों की मौत से पहले जयंत ने रविवार सुबह जयंत ने एफबी पर अपनी आखिरी पोस्ट डाली थी।
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दिल्ली के परिवार की गुलमर्ग में हुई मौत
- फोटो : सोशल मीडिया
जयंत ने अपनी इस पोस्ट में अपना लोकेशन शेयर करते हुए लिखा है, 'फीलिंग पीसफुल विद मनीषा अंद्रासकर'। उनकी आखिरी लोकेशन पहलगाम का हिलटॉप होटल था। यही जयंत की आखिरी पोस्ट है और उनकी मौत के बाद उनकी इस पोस्ट पर लोगों ने दुख जताते हुए उन्हें और उनके परिवार को श्रद्धांजलि दी है।
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delhi family dies in gulmarg incident
- फोटो : सोशल मीडिया
इस पोस्ट पर किए गए कमेंट्स से पता चलता है कि कई लोगों को उनकी मौत की खबर आज सुबह अखबार पढ़कर मिली है। सभी ने दिवंगत परिवार की आत्मा की शांति के लिए दुआ की है।
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delhi family dies in gulmarg incident
श्रीनगर के गुलमर्ग में हुए गंडोला केबल कार हादसे में जयंत अंद्रासकर, उनकी पत्नी और दो बेटियों की मौत की खबर से शालीमार बाग स्थित उनकी सोसायटी में गम का माहौल है। किसी को भी यकीन नहीं हो रहा कि हंसते-खेलते परिवार में अब कोई भी सदस्य जीवित नहीं बचा। रविवार दिन में जैसे ही सोसायटी में परिवार के मौत की खबर आई, पड़ोसियों की भीड़ जयंत के घर के नीचे इकट्ठा हो गई। मासूम अनघा और जाह्नवी की मौत की खबर से पड़ोस के कई बच्चों की आंखों से आंसू छलक पड़े।
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हादसे की सूचना मिलने पर जयंत के साले सौरव भी उनके घर पर पहुंचे। दिल्ली गवर्नमेंट ऑफिसर्स रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स सोसायटी के अध्यक्ष राजेश कुमार सांगवान ने बताया कि जयंत का परिवार वर्ष 2013 से यहां रह रहा था। पहले ही दिन से कभी ऐसा नहीं लगा कि जयंत सोसायटी में नए हैं। चंद दिनों के भीतर ही उनका पूरा परिवार सोसायटी के लोगों घुल-मिल गया था। बच्चियां तो सभी पड़ोसियों की आंखों का तारा बनी हुई थी।