तीन साल पहले भारत में एक ऐसी सरकार बनी जिसे पिछले 30 साल के भारतीय इतिहास में पहली बार पूर्ण बहुमत प्राप्त हुआ। 2014 में हुए लोकसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व में एनडीए को पूर्ण बहुमत मिला और नरेंद्र मोदी भारत के प्रधानमंत्री बने।
26 मई को कई देशों के शासनाध्यक्षों के सामने सरकार का भव्य शपथग्रहण समारोह हुआ जो अब तीन साल पूरे कर चौथे साल में प्रवेश करने वाली है। मोदी सरकार के तीन साल के इस सफर में हम आपको बता रहे हैं सरकार के उन छह फैसलों के बारे में जिन्हें क्यों चलाया गया और उनका क्या हाल हुआ इसका जवाब दे पाना इस सरकार के लिए शायद सबसे मुश्किल होगा...
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man ki baat
- फोटो : man ki baat
1 मन की बात: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सरकार में आने के बाद जनता से सीधे संवाद करने के लिए भारत के सरकारी संवाद माध्यम ऑल इंडिया रेडियो का सहारा लिया और 'मन की बात' नाम से एक कार्यक्रम शुरू किया गया। इस कार्यक्रम में प्रधानमंत्री महीने के किसी रविवार को आमतौर पर किसी विषय विशेष पर देश की जनता को संबोधित करते हैं। पीएम मोदी के इस कदम का देश को क्या फायदा मिला है इसकी गणना करना किसी भी राजनीति शास्त्री के लिए बड़ी चुनौती है।
2 नोटबंदी: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 8 नवंबर 2016 की रात अचानक टीवी पर आए और घोषणा कर दी कि देश में चल रहे 1000 और 500 रुपये के नोट उसी रात 12 बजे से चलन से बाहर हो जाएंगे। सरकार ने दावा किया कि इस कदम से देश में छिपा काला धन सामने आ जाएगा। इसके बाद दावा किया गया कि नोटबंदी ने आतंकवादियों की जड़े हिला दी हैं जिसके बाद से लगातार कश्मीर में आतंकी हमले बढ़ने लगे। हां, ये जरूर हुआ कि नोट बदलने के चक्कर में बैंक के अंदर और लाइन में लगे कई लोगों ने अपनी जान गंवाई और लाखों लोगों के रोजगार चले गए।
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surgical strike
- फोटो : सोशल मीडिया
3 सर्जिकल स्ट्राइक: सरकार ने दावा किया भारतीय सेना ने पाक सीमा में घुस कर सर्जिकल स्ट्राइक की और कई आतंकी ठिकानों सहित आतंकियों को मार गिराया। कहा गया कि इस ऑपरेशन ने भारत-पाक सीमा में बने आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूत कर दिया है लेकिन इसके बाद से कश्मीर और पंजाब में लगातार आतंकी हमले हो रहे हैं।