डॉक्टरों को भगवान मानने के केस आपने सुने होंगे लेकिन इतना यकीन कर लीजिए कि डॉक्टर जब कुछ कहें तो आंख बंद करके यकीन मत कीजिएगा। डॉक्टर हमेशा सच नहीं बोलते, इस चीज को साबित कर दिया है एक लड़की ने।
'अंबर बरहाम' 25 साल की है, कई सालों से वो थाइरॉइड की समस्या से जूझ रही थी। इलाज करवाने का भी कुछ विशेष फायदा नहीं हो रहा था। डॉक्टरों ने भी लगभग हार मान कर उस महिला को बाइपास सर्जरी करवाने की सलाह दी। 25 साल की 'अंबर बरहाम' एक बच्चे की मां और पेशे से टीचर है।
डॉक्टरों का दावा था कि ये समस्या बिना सर्जरी के ठीक हो ही नहीं सकती। लेकिन अंबर की अपनी ही थ्योरी थी।
अंबर को डॉक्टरों की ये सलाह कुछ रास नहीं आई और उसका विश्वास टूट सा गया। 'सर्जरी करवा कर वजन घटाना' डॉक्टरों की इस सलाह को उसने गलत साबित किया और मात्र 8 महीनों में उसने अपना वजन भी घटाया और उसे थाइरॉइड से भी निजात मिली।
पहले उसका वजन लगभग 124 किलो के बराबर था। अब उसका वजन मात्र 79 किलो है। अंबर ने कहा कि 'उसे नहीं लगता कि केवल सर्जरी करवा कर ही अपना वजन कम किया जा सकता है। मैने अपना डाइट चार्ट मेंटेन किया और हर रोज व्यायाम करने से मुझे कई तरह की समस्याओं से छुटकारा मिला'।
उसका कहना था कि 'वजन घटाने के बाद मैनें लगभग 10 कपड़ों को रिटायर कर दिया है। फास्ट फूड और पिज्जा मुझे बेहद पसंद था लेकिन अब मैंने ये सब खाना कम कर दिया है'।
'डॉक्टरों ने कहा था सर्जरी के लिए लेकिन मैंने उन्हें गलत साबित कर अपने तरीके से अपना वजन कम किया और अब मेरी समस्या भी सुलझ गई। अब मैं दूर तक दौड़ सकती हूं और जैसे मन वैसे कपड़े पहन सकती हूं'।