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दुनिया का अनोखा मंदिर, जहां दान की बजाय होती है चोरी, जानें क्या है रहस्य

Thu, 11 May 2017 06:07 PM IST
amarujala.com- written by: किरण सिंह
amarujala.com- written by: किरण सिंह Updated Thu, 11 May 2017 06:07 PM IST
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devi chudamani temple of Uttarakhand

चोरी को पाप माना जाता है और मंदिर में चोरी को महापाप, लेकिन देश में एक ऐसा मंदिर है जहां पर आपकी मनोकामना चोरी करने के बाद ही पूरी होगी। जी हां, ये अनोखा मंदिर है सिद्घपीठ चूडामणि देवी का मंदिर। जानिए आखिर क्यों चोरी करने के बाद ही यहां होती है मनोकामना पूरी।

devi chudamani temple of Uttarakhand

 ऐसा माना जाता है कि जिन्हें पुत्र की चाह होती है, वह जोड़ा इस मंदिर में आकर माता के चरणों से लोकड़ा यानि लकड़ी से बना गुड्डा अपने साथ चोरी करके ले जाता है और पुत्र प्रा‌प्ति के बाद उस जोड़े को बेटे सहित यहां पर माथा टेकने आना होता है। 

devi chudamani temple of Uttarakhand

कहा जाता है कि  पुत्र प्राप्ति के बाद भंडारा कराने के साथ दंपति आषाढ़ माह में मंदिर से चोरी किए हुए लोकड़े के साथ एक अन्य लोकड़ा भी अपने पुत्र के हाथों चढ़वाते हैं।

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devi chudamani temple of Uttarakhand

गांव के लोगों को कहना है कि इस मंदिर का निर्माण 1805 में लंढौरा रियासत के राजा ने करवाया था। एक बार जब राजा शिकार करने जंगल आए तो उन्हें माता की पिंडी के दर्शन हुए और उन्होंने पुत्र प्राप्ति की मन्नत मांगी। मनोकामना पूरी होने पर राजा ने मंदिर का निर्माण करवाया।

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devi chudamani temple of Uttarakhand

ऐसा भी कहा जाता है कि आज जहां भव्य मंदिर बना हुआ है, वहां पहले घनघोर जंगल हुआ करता था। जहां शेरो की दहाड़ सुनाई पड़ती थी। माना जाता है कि माता की पिंडी पर शेर भी रोजाना माथा टेकने आते थे।

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