फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   India News ›   niti aayog new vice chairman rajeev kumar

नीति आयोग को दिल्ली के अभिजात वर्ग से छूटकारा दिलवाएंगे राजीव कुमार!

Sun, 06 Aug 2017 09:35 AM IST
संजय मिश्र
संजय मिश्र Updated Sun, 06 Aug 2017 09:35 AM IST
विज्ञापन
niti aayog new vice chairman rajeev kumar

अरविंद पनगढ़िया के उत्तराधिकारी के रूप में नीति आयोग का उपाध्यक्ष बनाए गए डाक्टर राजीव कुमार पर आयोग को दिल्ली के अभिजात वर्ग से छूटकारा दिलाने का दबाव रहेगा। संघ के जरिए नीति आयोग के कामकाज पर उठाए जा रहे सवालों के बीच कुमार ने स्वदेशी जागरण मंच के एक आयोजन में 10 जून को कहा था कि नीति आयोग की सभी नीतियां दिल्ली के अभिजात वर्ग के जरिए बनाई जा रही हैं। संघ के दबाव के बाद पद से हटाए गए अरविंद पनगढ़िया के उत्तराधिकारी के रूप में पीएम मोदी ने राजीव कुमार पर भरोसा जताया है। अब राजीव कुमार को पीएम मोदी के भरोसे पर खरा उतरते हुए नीति आयोग की अलग पहचान बनानी होगी। हालांकि इस कार्य में उन्हें संघ के तमाम संगठनों का साथ मिलेगा। क्योंकि राजीव कुमार बीते कई वर्षों से भगवा गलियारे में घुमते रहे हैं। राजीव के अलावा सरकार ने एम्स के प्रमुख डाक्टर विनोद पॉल को नीति आयोग का सदश्य बनाया है। राजीव के साथ वे भी देश की नीतियों पर आयोग को अपनी सलाह देंगे।

विज्ञापन


अर्थशास्त्री के साथ सहज योग के धनी हैं नीति आयोग के नए उपाध्यक्ष 
नीति आयोग के नए उपाध्यक्ष राजीव कुमार अर्थशास्त्री के साथ सहज योग के भी धनी हैं। सहज योग की विद्या उन्होंने प्रसिद्ध संत निर्मला देवी से ली है। सूत्र बताते हैं कि 66 वर्षिय राजीव कुमार के जीवन का 35 वर्ष अर्थशास्त्र में बीता है तो 28 वर्ष से वे सहज योग से भी जुड़े हुए हैं। बताया जा रहा है कि संत निर्मला देवी जब जीवीत थीं तो दिल्ली में होने वाले उनके सभी आयोजनों का जिम्मा राजीव कुमार ही संभालते थे। वैसे भी राजीव कुमार को सामाजिक कार्यों में खासी रूचि रही है। पहले इंडिया के नाम से उन्होंने एक गैर सरकारी पहल की भी शुरूआत की है। अब उम्मीद जताई जा रही है कि सहजयोग और अर्थशास्त्र का उनका ज्ञान दोनों मिलकर देश की अर्थव्यवस्था को उचाईयों पर पहुंचाने में मदद करेगा। 

विज्ञापन

काम आया पीएम मोदी के प्रति लगाव 

niti aayog new vice chairman rajeev kumar

नीति आयोग के उपाध्यक्ष पद पर राजीव कुमार की नियुक्ति में भगवा संगठनों के अलावा पीएम मोदी के प्रति उनका लगाव बेहद काम आया है। सेंटर फॉर पोलिसी रिसर्च से जुडे कुमार ने पीएम मोदी पर एक पुस्तक लिखी थी। 2016 में मोदी और उनकी चुनौतियां नाम से बाजार में आई पुस्तक की मांग काफी देखी गई। नीति आयोग की पहली बैठक में जब पीएम मोदी ने देश के प्रमुख अर्थशास्त्रियों से मुलाकात एवं बातचीत की थी तब उस बैठक में भी राजीव कुमार उपस्थित थे। नोटबंदी पर पूर्व पीएम मनमोहन सिंह के बयान पर पलटवार कर राजीव कुमार ने अपरोक्ष रूप से पीएम मोदी के कदम का बचाव कर उन्हें ताकत ही प्रदान किया था। 

भगवा खेमे में सक्रिय रहे हैं राजीव कुमार 
अरविंद पनगढ़िया के इस्तीफे के बाद संघ ने सरकार के सामने उनके उत्तराधिकारी के रूप में किसी व्यक्ति के नाम को आगे नहीं किया था। मगर सरकार को संघ नेतृत्व ने इतना सुझाव जरूर दिया था कि नीति आयोग का अगला उपाध्यक्ष संघ की अपेक्षाओं के अनुरूप होना चाहिए। स्वदेशी जागरण मंच हमेसा से इस बात की वकालत करता रहा है कि विदेश या विश्व बैंक में कार्य करने वालों के बजाय सरकार को ऐसे लोगों को नीति निर्धारण में शामिल करना चाहिए जोकि देश की मिट्टी में पले बडे हों और इसकी मिट्टी को पूरी तरह समझते हों। स्वदेशी जागरण मंच का कहना है कि देश के अनुरूप ही कृषि एवं उद्योग नीति बननी चाहिए। नीति आयोग अब तक इसमें नाकाम रहना है। वैसे राजीव कुमार भगवा संगठनों के बीच सक्रिय रहे हैं। स्वदेशी जागरण मंच के अलावा वे संघ-भाजपा के कई नेताओं से जुडे रहे हैं। भाजपा उपाध्यक्ष विनय सहस्त्रबुद्धे के छोटे से आयोजनों में भी वे उपस्थित रहते थे। इसके अलावा उन्हें संघ के सहसरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले का भी करीबी माना जाता है। 

यूपी की मिट्टी में बडे हुए हैं राजीव कुमार 

niti aayog new vice chairman rajeev kumar

नीति आयोग उपाध्यक्ष पद पर संघ की नीति का अनुसरण करते हुए सरकार ने यूपी की मिट्टी में बडे हुए राजीव कुमार को आयोग की कमान दी है। इस पद पर कुमार की नियुक्ति से साथ ही भारत सरकार में यूपी का दबदबा और बढ गया है। राजीव ने बीए,एमए की शिक्षा के अलावा पीएचडी की शिक्षा भी लखनउ विश्वविधालय से पूरी की है।

उसके बाद वे उच्च शिक्षा के लिए दिल्ली आए और बाद में वे डीफील की उपाधी लेने के लिए आॅक्सफोर्ड विश्वविद्यालय चले गए। वहां से लौटने के बाद उन्होंने भारत सरकार के इंडस्ट्री और वित्त मंत्रालय में अहम पदों पर अपनी सेवाएं दी हैं। एशियन विकास बैंक और फीक्की सरीखे तमाम संगठनों से जुडे रहने के बाद वे पुणे स्थित गोखले इंस्टीटयूट आॅफ इकोनामिक्स एंड पालिटिक्स के चासंलर पर पर विराजमान हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News apps, iOS Hindi News apps और Amarujala Hindi News apps अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed