बाबरी का बदला लेने के लिए दहलाई थी मुंबई, जानिए कोर्ट के फैसले की बड़ी बातें
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1993 के मुंबई सीरियल ब्लास्ट माामले की सुनवाई करते हुए टाडा अदालत ने अबू सलेम सहित छह आरोपियों को दोषी करार दिया है। इनमें से एक आरोपी को बॉन्ड पर रिहा करने का आदेश दिया गया है। इस मामले में सातवें आरोपी अब्दुल कय्यूम को पर्सनल बॉन्ड पर बरी कर दिया गया है। सरकारी वकील डीएन साल्वी ने आरोपियों पर की गई कोर्ट की टिप्पणी के बारे में जानकारी दी। जानिए कोर्ट के फैसले की बड़ी बातें।
-वकील डीएन साल्वी ने बताया कि कोर्ट ने अबू सलेम को हमले का मुख्य साजिशकर्ता माना है।
-कोर्ट के अनुसार अबू सलेम ने वारदात की साजिश रची और हथियारों को भरूच से मुंबई लेकर आया। इसी मामले में अबू सलेम को साजिश रचने और हत्या का दोषी माना गया।
-अबू सलेम ने सारे विस्फोटक अपने पास रखे और उन्हें धीरे-धीरे उन्हें हमलावरों तक पहुंचाया।
-कोर्ट के अनुसार वारदात की साजिश मुस्तफा डोसा के दुबई स्थित घर पर रची गई। वहीं मुंबई के सारे गैंगस्टर इकट्ठा हुए थे।
-एक अन्य दोषी ताहिर मर्चेंट ने आरोपियों को ट्रेनिंग के लिए पाकिस्तान भेजा, उनके खाने पीने रहने का इंतजाम वही करता था।
-दोषियों ने बाबरी मस्जिद का बदला लेने के लिए मुंबई बम धमाकों को अंजाम दिया।
-दोषियों के निशाने पर हिंदू आबादी, राजनीतिक दलों के नेता और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी थे।
-सलेम के कहने पर अनीस इब्राहिम और सलीम टुंडला को हथियार दिए गए।
-गुजरात के रास्ते आए विस्फोटक के जरिए अबु सलेम बड़े नेताओं और पुलिस अधिकारियों को उड़ाना चाहता था।