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फांसी की सजा पाने के बाद जब बाहर निकला पंधेर तो बेटे ने कहा...

Sun, 30 Jul 2017 08:21 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद
ब्यूरो/अमर उजाला, गाजियाबाद Updated Sun, 30 Jul 2017 08:21 PM IST
सार

दवाइयां ले जाने को पंधेर के वकील ने दी अर्जी

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nithari case and what pandher son told to him after death sentence
- फोटो : अमर उजाला

सीबीआई के विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी की अदालत के फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद पंधेर के वकीलों ने कोर्ट में एक अर्जी दी। वकीलों ने अर्जी में लिखा कि पंधेर बीमार व्यक्ति है, उसे जेल में दवाइयां मुहैया कराई जाएं। इसके साथ ही उसे कुछ दवाइयां जेल में ले जाने की अनुमति दी जाए। कोर्ट ने अर्जी को स्वीकार करते हुए जेल प्रशासन को आदेशित किया है कि वह जेल मेनुअल के अनुसार पंधेर की स्वास्थ्य सेवा का उचित प्रबंध करे।

नौकरानी की हत्या में कोली-पंधेर को फांसी की सजा

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- फोटो : अमर उजाला

फैसला सुनते ही पंधेर के परिजनों में छाई मायूसी
सीबीआई विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी की कोर्ट से फांसी की सजा सुनते ही पंधेर के परिजनों और रिश्तेदारों में मायूसी छा गई। सोमवार सुबह कोर्ट का फैसला जानने के लिए पंधेर का बेटा करण पंधेर व अन्य परिजन भी पहुंचे हुए थे। बेटा करण अपने पिता मोनिंदर सिंह पंधेर को सांत्वना देता नजर आया। हालांकि पंधेर की आंखों में सुबह से ही मायूसी के भाव साफ नजर आ रहे थे। ऐसा प्रतीत हो रहा था जैसे उसे पहले से ही इस सजा की जानकारी हो। विशेष न्यायाधीश ने जब खुली कोर्ट में अपना फैसला पढ़कर सुनाया तो पंधेर की आंखों से आंसू छलक पडे़। इसके साथ ही बेटे और अन्य रिश्तेदारों में भी मायूसी छा गई। पंधेर के बेटे करण ने कहा कि वह सीबीआई कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेंगे।
 

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- फोटो : अमर उजाला
बैरक नंबर-7 में रखा गया पंधेर सीबीआई विशेष की अदालत से फांसी की सजा सुनाई जाने के बाद पुलिस कस्टडी में जेल ले जाए गए मोनिंदर सिंह पंधेर और सुरेंद्र कोली को डासना जेल ले जाया गया। पंधेर को बैरक नंबर-7 में रखा गया, जबकि सुरेंद्र कोली को हाई सिक्योरिटी बैरक में रखा गया।
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निठारी कांड में घरेलू नौकरानी की हत्या के मामले में सीबीआई विशेष कोर्ट ने दो दिन पूर्व दोषी ठहराए गए सुरेंद्र कोली और मोनिंदर सिंह पंधेर को सोमवार दोपहर फांसी की सजा सुनाई। निठारी कांड का इस आठवें फैसले में सुरेंद्र कोली के साथ ही खूनी कोठी के मालिक मोनिंदर सिंह पंधेर को भी फांसी की सजा सुनाई गई है। विशेष न्यायाधीश पवन कुमार तिवारी ने कोली पर 35 और पंधेर पर 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने उन्हें अपहरण, रेप, हत्या, आपराधिक षड्यंत्र और साक्ष्य मिटाने की धाराओं में दोषी मानते हुए सजा सुनाई है।
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- फोटो : अमर उजाला

डासना जेल में बंद निठारी कांड के इस मामले में दोषी करार दिए गए मोनिंदर सिंह पंधेर और उसके नौकर सुरेंद्र कोली को सोमवार सुबह 11.27 बजे कड़ी सुरक्षा के बीच सीबीआई विशेष कोर्ट में पेश किया गया। फैसला जानने के लिए सुबह से ही कोर्ट के बाहर बड़ी संख्या में लोगों का जमावड़ा लगा था। पंधेर की ओर से अधिवक्ता देवराज सिंह और अभियोजन की ओर से सीबीआई के विशेष लोक अभियोजक जेपी शर्मा ने सजा पर बहस पूरी की। इसके बाद न्यायाधीश ने फैसले के लिए दोपहर 12.45 का समय निर्धारित किया। हालांकि फैसला दोपहर करीब एक बजे सुनाया। इसके बाद कड़ी सुरक्षा के बीच आरोपी सुरेंद्र कोली को वापस डासना जेल ले जाया गया।

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