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आखिरी टेस्ट के बाद खिलाड़ियों को कुछ यूं याद आएंगे मिस्बाह-यूनिस
amarujala.com- Written by: श्रवण शुक्ला
Updated Wed, 10 May 2017 04:20 PM IST
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मिस्बाह और यूनिस खेल रहे हैं अपना आखिरी टेस्ट मैच
- फोटो : AFP
पाकिस्तान क्रिकेट इस समय बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है। पाकिस्तान की टेस्ट टीम अब अपने दो सबसे बड़े खिलाड़ियों मिस्बाह उल हक और यूनिस खान के साथ मैदान पर आखिरी बार उतरने जा रही है।
दोनों वेस्टइंडीज के साथ चल रही 3 टेस्ट मैचों की सिरीज के आखिरी मैच में खेलने मैदान पर उतरे हैं। मिस्बाह उल हक अपने करियर में पाकिस्तान के लिए 75 टेस्ट मैच खेल चुके हैं, तो यूनिस खान 118 टेस्ट मैचों में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर 10,000 से अधिक टेस्ट रन बनाने वाले इकलौते पाकिस्तानी क्रिकेटर हैं।
यूनिस और मिस्बाह के बगैर पाकिस्तानी क्रिकेट टीम का ड्रेसिंग रूप कैसा होगा और किस तरह से ये दोनों खिलाड़ी नए खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हैं। इसकी चर्चा करते हुए अजहर अली कहते हैं कि मिस्बाह ने जब पाकिस्तानी टीम की कप्तानी संभाली।
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उस समय पाकिस्तानी क्रिकेट अपने बेहद बुरे दौर से गुजर रहा था। उन्होंने 7 सालों तक इस टीम को संभाला और हर जगह जीतने का दम रखने वाली टीमों में शुमार कराया। मिस्बाह शानदार कप्तान रहे हैं। वो हमेशा खिलाड़ियों को फ्रंट से प्रेरित करते रहे हैं। हम टेस्ट में नंबर एक टीम बने, जो मिस्बाह के बिना नामुमकिन था।
अजहर अली ने कहा कि दबाव में भी खुद पर काबू रखने की कला सिर्फ मिस्बाह में ही है। वो बेहद कठिन परिस्थितियों में भी खुद को कूल रखते हैं।
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दोनों वेस्टइंडीज के साथ चल रही 3 टेस्ट मैचों की सिरीज के आखिरी मैच में खेलने मैदान पर उतरे हैं। मिस्बाह उल हक अपने करियर में पाकिस्तान के लिए 75 टेस्ट मैच खेल चुके हैं, तो यूनिस खान 118 टेस्ट मैचों में पाकिस्तान का प्रतिनिधित्व कर 10,000 से अधिक टेस्ट रन बनाने वाले इकलौते पाकिस्तानी क्रिकेटर हैं।
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यूनिस और मिस्बाह के बगैर पाकिस्तानी क्रिकेट टीम का ड्रेसिंग रूप कैसा होगा और किस तरह से ये दोनों खिलाड़ी नए खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करते हैं। इसकी चर्चा करते हुए अजहर अली कहते हैं कि मिस्बाह ने जब पाकिस्तानी टीम की कप्तानी संभाली।
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उस समय पाकिस्तानी क्रिकेट अपने बेहद बुरे दौर से गुजर रहा था। उन्होंने 7 सालों तक इस टीम को संभाला और हर जगह जीतने का दम रखने वाली टीमों में शुमार कराया। मिस्बाह शानदार कप्तान रहे हैं। वो हमेशा खिलाड़ियों को फ्रंट से प्रेरित करते रहे हैं। हम टेस्ट में नंबर एक टीम बने, जो मिस्बाह के बिना नामुमकिन था।
अजहर अली ने कहा कि दबाव में भी खुद पर काबू रखने की कला सिर्फ मिस्बाह में ही है। वो बेहद कठिन परिस्थितियों में भी खुद को कूल रखते हैं।
मिस्बाह से थोड़े अलग हैं यूनिस
मिस्बाह-उल-हक
वहीं, यूनिस के बारे में अजहर अली ने कहा कि वो मिस्बाह से थोड़े अलग हैं। पर उनका खेल को लेकर समर्पण बेहद शानदार है।
मैंने अपने शुरुआती दिनों से देखा है कि वो अलग तरह से कैसे क्रिकेट के बारे में सोच लेते हैं। वो अपने आप को फिट रखते हैं। वो अगर बैटिंग कर रहे हों, तो दूसरे छोर पर खड़े रहकर देखने का अनुभव भी बेहद शानदार होता है। यही नहीं, अगर आप बल्लेबाजी के दौरान गलतियां कर रहे हों, तो वो खुद आकर आपसे बात करते हैं।
पाकिस्तानी क्रिकेट में तेजी से अपनी खास जगह बना रहे असद शफीक ने दोनों खिलाड़ियों के साथ साझा किए पलों के बारे में बताया कि मिस्बाह की कप्तानी में ड्रेसिंग रूम का माहौल हमेशा शानदार रहता है। वो युवाओं का हौसला बढ़ाते हैं और आगे बढ़ने को प्रेरित करते हैं। उनकी अगुवाई में खेलना मेरे लिए सम्मान की बात रही।
असद ने कहा कि मिस्बाह और यूनिस का मेरे करियर में खास योगदान रहा है। अगर मेरे जैसा कोई जूनियर खिलाड़ी टीम में आता है, तो दोनों को देखते हुए आगे बढ़ते रहे हैं। मैंने उनसे काफी कुछ सीखा है। दोनों न सिर्फ अच्छे क्रिकेटर बल्कि शानदार इंसान भी हैं।
सरफराज अहमद कहते हैं कि मुश्किल के समय में टीम की अगुवाई कैसे की जारी है, वो हमें मिस्बाह से सीखना चाहिए। वो हमेशा फ्रंट से टीम को लीड करते हैं। मिस्बाह की अगुवाई में ड्रेसिंह रूम का माहौल हमेशा शानदार रहता है।
विस्फोटक पाकिस्तानी बल्लेबाज अहमद शहजाद कहते हैं कि दोनों शानदार खिलाड़ियों ने हमें काफी कुछ सिखाया है। सच तो ये है कि इन दोनों खिलाड़ियों के बिना पाकिस्तानी क्रिकेट में काफी खालीपन आ जाएगा। मैं दोनों बड़े खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रुम साझा करना अपनी किस्मत समझता हूं।
मैंने अपने शुरुआती दिनों से देखा है कि वो अलग तरह से कैसे क्रिकेट के बारे में सोच लेते हैं। वो अपने आप को फिट रखते हैं। वो अगर बैटिंग कर रहे हों, तो दूसरे छोर पर खड़े रहकर देखने का अनुभव भी बेहद शानदार होता है। यही नहीं, अगर आप बल्लेबाजी के दौरान गलतियां कर रहे हों, तो वो खुद आकर आपसे बात करते हैं।
पाकिस्तानी क्रिकेट में तेजी से अपनी खास जगह बना रहे असद शफीक ने दोनों खिलाड़ियों के साथ साझा किए पलों के बारे में बताया कि मिस्बाह की कप्तानी में ड्रेसिंग रूम का माहौल हमेशा शानदार रहता है। वो युवाओं का हौसला बढ़ाते हैं और आगे बढ़ने को प्रेरित करते हैं। उनकी अगुवाई में खेलना मेरे लिए सम्मान की बात रही।
असद ने कहा कि मिस्बाह और यूनिस का मेरे करियर में खास योगदान रहा है। अगर मेरे जैसा कोई जूनियर खिलाड़ी टीम में आता है, तो दोनों को देखते हुए आगे बढ़ते रहे हैं। मैंने उनसे काफी कुछ सीखा है। दोनों न सिर्फ अच्छे क्रिकेटर बल्कि शानदार इंसान भी हैं।
सरफराज अहमद कहते हैं कि मुश्किल के समय में टीम की अगुवाई कैसे की जारी है, वो हमें मिस्बाह से सीखना चाहिए। वो हमेशा फ्रंट से टीम को लीड करते हैं। मिस्बाह की अगुवाई में ड्रेसिंह रूम का माहौल हमेशा शानदार रहता है।
विस्फोटक पाकिस्तानी बल्लेबाज अहमद शहजाद कहते हैं कि दोनों शानदार खिलाड़ियों ने हमें काफी कुछ सिखाया है। सच तो ये है कि इन दोनों खिलाड़ियों के बिना पाकिस्तानी क्रिकेट में काफी खालीपन आ जाएगा। मैं दोनों बड़े खिलाड़ियों के साथ ड्रेसिंग रुम साझा करना अपनी किस्मत समझता हूं।