अश्विन को मिली दोहरी खुशी, जीत के साथ मिले ICC पुरस्कार
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धर्मशाला टेस्ट मैच मगंलवार को भारत ने जीत लिया लेकिन यह भारतीय क्रिकेट प्रेमियों के लिए दोहरी खुशी का सबब रहा। एक ओर जहां भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ चार टेस्ट मैचों की सीरीज 2-1 से जीती, तो वहीं दूसरी तरफ ऑफ स्पिनर रविचंद्रन अश्विव को आईसीसी क्रिकेटर ऑफ द ईयर और आईसीसी टेस्ट क्रिकेटर ऑफ द ईयर रहने के लिए गैरीफील्ड सोबर्स ट्रॉफी प्रदान की गई।
अश्विन को यह ट्रॉफी पूर्व भारतीय दिग्गज कप्तान कपिल देव ने दी। ट्रॉफी लेने के बाद अश्निन ने कहा कि आईसीसी के दो शीर्ष पुरस्कार में नामांकित होना ही अपने आप में बहुत बड़ा सम्मान है। उन्होंने कहा,'मेरे लिए संतोषजनक बात यह रही कि मैं इस दौरान टीम के बेहतरीन प्रदर्शन में मददगार साबित हुआ। हमारे पास एक अच्छी टीम है जिसने सभी प्रारूपों में बेहतरीन प्रदर्शन किया है।' साथ ही उन्होंने कहा कि टेस्ट क्रिकेट में शीर्ष पर पहुंचना हमारे लिए एक बड़ी उपलब्धि है, जिस पर हमें गर्व है।
अश्विन गैरीफील्ड सोबर्स ट्रॉफी सम्मान पाने वाले दुनिया के 12वें खिलाड़ी हैं। यह सम्मान हासिल करने वाले वह तीसरे भारतीय क्रिकेटर हैं। इससे पहले राहुल द्रविड़ (2004) और सचिन तेंदुलकर (2010) यह पुरस्कार हासिल कर चुके हैं।
इनके अलावा अन्य देशों के जिन खिलाड़ियों को गैरीफील्ड सोबर्स ट्रॉफी पुरस्कार दिया गया, उनमें एंड्रयू फ्लिंटॉफ और जैक्स कैलिस (2005 में संयुक्त विजेता), रिकी पोंटिंग (2006 और 2007), शिवनारायण चंद्रपॉल (2008), मिशेल जॉनसन (2009 और 2014), जोनॉथन ट्रॉट (2011), कुमार संगकारा (2012), माइकल क्लार्क (2013) और स्टीव स्मिथ (2015) शामिल हैं।
बेहतरीन प्रदर्शन पर गौर करने के बाद अश्विन को दिया अवॉर्ड
पिछले बेहतरीन प्रदर्शन पर गौर करने के बाद अश्विन को यह अवॉर्ड दिया गया है, अगर उनके मैच विजयी योगदान पर एक सरसरी निगाह डालें तो वाकई लाजवाब खेल की नजरी देखने को मिलती है। अश्विन ने नागपुर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ और वेस्ट इंडीज के विरुद्ध एंटिगुआ और ग्रॉस आईसलेट में खेले गए मैच में, टीम इंडिया की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। उन्हें इन तीनों ही मौचों में प्लेयर ऑफ द मैच अवॉर्ड दिया गया था।
दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सीरीज में अश्विन ने 31 चटकाए थे। इसके बाद वह भारत के 7वें गेंदबाज बन गए जिन्होंने एक ही सीरीज में 30 या उससे अधिक विकेट लिए। साथ ही वह श्रीलंका के मुथैया मुरलीधरन को पीछे छोड़कर दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सबसे सफल ऑफ स्पिनर बन गए।
नागपुर टेस्ट में बेहतरीन प्रदर्शन की वजह से अश्विन आईसीसी की गेंदबाजी रैंकिंग में नंबर दो गेंदाबज बन गए थे । इस दौरान उन्होंने दूसरी पारी में 66 रन देकर के 7 विकेट अपने नाम किए थे।
वेस्टइंडीज में अश्विन का ऐतिहासिक प्रदर्शन
टीम इंडिया जब वेस्टइंडीज के दौरे पर गई अश्विन का यह लाजवाब प्रदर्शन वहां भी जारी रहा। इस दौरे पर उन्होंने 23.17 की औसत से 17 विकेट लिए और उन्हें प्लेयर ऑफ द सीरीज से अवॉर्ड से नवाजा गया था।
टीम इंडिया के लिए वेस्टइंडीज सीरीज ऐतिहासिक रही, इस सीरीज में भारत ने वह कामयाबी हासिल की जिसके लिए 1953 से जद्दोजहद जारी थी। यहां इंडिया ने एक टेस्ट श्रृंखला में घरेलू टीम के खिलाफ दो टेस्ट जीते और अश्विन तुरुप के इक्के साबित हुए। अश्वनि ने इस दौरे पर न सिर्फ अच्छी बॉलिंग की बल्कि बल्लेबाजी में भी जौहर दिखाए। उन्होंने ग्रॉस आईलेट टेस्ट मैच में वेस्ट इंडीज के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए अपने करियर का चौथा शतक जमाया था।
वहीं, अश्वन को गारफील्ड सोबर्स ट्रॉफी मिलने पर आईसीसी के मुख्य कार्यकारी डेविड रिचर्डसन ने कहा, 'अश्विन ने बार-बार दिखाया है कि वह सही मायने में मैच विजेता हैं। मैं इन दो शीर्ष आईसीसी पुरस्कारों को जीतने के लिए उन्हें बधाई देता हूं।'
अश्विन के शानदार खेल का मुजाहिरा 2017 में भी जारी है। क्रिकेट प्रेमियों को उम्मीद है कि अश्विन अपने खेल से लोगों का दिल यू हीं जीतते रहेंगे।