श्रीलंका के इस स्टेडियम में भारतीय टीम का है बेहद खराब रिकॉर्ड, क्या 'विराट ब्रिगेड' इसे बदलेगी?
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भारतीय टीम बुधवार से श्रीलंका के खिलाफ तीन मैचों की सीरीज का पहला टेस्ट गॉल इंटरनेशनल स्टेडियम में खेलेगी। भारतीय टीम के लिए गॉल का अनुभव अच्छा नहीं रहा है और यही वजह है विराट कोहली की ब्रिगेड इस मैदान पर एक खास लक्ष्य के साथ उतरेगी। टीम इंडिया को साल 2015 में गॉल में ही श्रीलंका के खिलाफ शिकस्त झेलना पड़ी थी।
इसके बाद उसने दमदार वापसी करते हुए अगले दो टेस्ट जीतकर सीरीज 2-1 से अपने नाम की थी। ये सीरीज जीत ऐतिहासिक थी क्योंकि भारत ने 22 साल बाद श्रीलंका में टेस्ट सीरीज जीती थी। अब भारतीय टीम अपनी पिछली हार का हिसाब चुकता करना चाहेगी और उसका लक्ष्य गॉल टेस्ट जीतकर सीरीज में 1-0 की बढ़त बनाने का होगा।
विराट कोहली के लिए टॉस जीतना इसलिए बेहद जरुरी
गॉल मैदान का इतिहास भी पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम के लिए मददगार रहा है। पिछले 10 सालों में यहां 18 टेस्ट खेले गए, जिसमें से पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम 12 बार जीतने में सफल रही जबकि तीन बार उसे हार का सामना करना पड़ा।
वहीं इस मैदान पर खेले गए 29 टेस्ट में से 24 बार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम ने जीत का स्वाद चखा। पांच बार पहले बल्लेबाजी करने वाली टीम को शिकस्त का सामना करना पड़ा, लेकिन मजेदार बात ये है कि वो चार हार मेहमान टीम को ही झेलना पड़ी।
रंगना हेराथ का गॉल पर रहा बोलबाला
गॉल में चौथी पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीम का प्रदर्शन बहुत निराशाजनक रहा है। चौथी पारी में बल्लेबाजी करने वाली टीम ने इस मैदान पर 99 रन के लक्ष्य का सफल पीछा किया है। 100 से अधिक रन के लक्ष्य का पीछा करने वाली टीम को 11 बार शिकस्त का सामना करना पड़ा है।
वैसे गॉल में रंगना हेराथ का बोलबाला है। उन्होंने 16 टेस्ट में से पांच बार मैन ऑफ द मैच का खिताब जीता। उन्होंने यहां 93 विकेट चटकाए हैं, जो एक रिकॉर्ड है। अगर पहले टेस्ट में हेराथ ने 7 विकेट लेने में कामयाबी हासिल की तो मुथैया मुरलीधरन के बाद एक स्थान पर 100 विकेट चटकाने वाले वो श्रीलंका के दूसरे गेंदबाज बन जाएंगे।