इस तरह एक साल में भारत ने ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में पाई 30 पायदान की बढ़त
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कारोबार करने में सहूलियत 'ईज ऑफ डूइंग बिजनेस' पर विश्व बैंक की रिपोर्ट में भारत की रैंकिंग में जबरदस्त 30 पायदान का सुधार हुआ है। इस साल की रिपोर्ट में भारत दुनिया भर के 189 देशों में 100वां स्थान हासिल किया है।
इस सूची में पिछले वर्ष भारत का स्थान 130वां था। विश्व बैंक ने यह रिपोर्ट मंगलवार को जारी की थी। इसके लिए केंद्र और राज्य सरकारों के विभागों के अलावा लोकल बॉडी (नगर निगम, महापालिका) ने भी कई तरह के पुराने चल रहे नियमों में बदलाव किए, जिससे किसी को भी नया बिजनेस खोलने में परेशानी न हो।
पढ़ें- वर्ल्ड बैंक की रैंकिंग में 100वें नंबर पर पहुंचा भारत, पीएम बोले-आर्थिक सुधारों से मिली कामयाबी
विश्व बैंक को किया राजी
केंद्र सरकार ने सबसे पहले सर्वे के लिए मुंबई के अलावा दिल्ली को शामिल करने के लिए राजी किया। 2016 से पहले सर्वे में केवल मुंबई को शामिल किया जाता था।
डीआईपीपी ने उठाए ये कदम
तीन साल पहले पीएम नरेंद्र मोदी के निर्देश पर डिपार्टमेंट ऑफ इंडस्ट्रियल पॉलिसी एंड प्रमोशन के सचिव रहे अमिताभ कांत ने रैंकिंग को सुधारने का बीड़ा उठाया था। पीएम का सपना है कि भारत इस रैंकिंग में विश्व के 50 टॉप देशों में शामिल हो जाए।
ऑनलाइन किया बिजली कनेक्शन का आवेदन
अभिताभ कांत के बाद सचिव बने रमेश अभिषेक ने इस प्रोसेस को आगे बढ़ाया। इसके लिए सबसे पहले दिल्ली और मुंबई में मौजूद बिजली कंपनियों को मनाया कि वो कनेक्शन लेने की प्रक्रिया को ऑनलाइन करें। इसके साथ ही बिजली बिल का भुगतान करना भी ऑनलाइन किया गया।
केवल इतना करने भर से बिजली लेने की कैटेगिरी में 2015 जहां 170 रैंकिंग थी, वो 2017 में घटकर 26 रह गई। इसके बाद जल बोर्ड को पानी का बिल कम करने के लिए कहा गया, लेकिन इसे विश्व बैंक ने अभी तक अपनी रैंकिंग में शामिल नहीं किया है।
कई डिपार्टमेंट में प्रोसेस को किया गया ऑनलाइन
इस रैंकिंग को हासिल करने के लिए कई सारे डिपार्टमेंट में प्रोसेस को ऑनलाइन किया गया था। इस साल छोटे अंशधारकों के हित की रक्षा के मामले में भारत का स्थान चौथा रहा है।
कारोबारियों को क्रेडिट दिलाने में भारत का स्थान 29वां रहा है जबकि बिजली कनेक्शन दिलवाने में भी भारत का स्थान 29वां रहा है। सबसे बड़ी छलांग कराधान के मसले पर सुधार में रहा है।
पिछले वर्ष भारत 189 देशों में 172वें स्थान पर था जबकि इस वर्ष 53 पायदान चढ़ कर 119वें स्थान पर आ गए। अगले वर्ष और सुधार होगा क्योंकि जीएसटी लागू हो गया है।
दिख रहा है आधे सुधारों का असर
वर्ल्ड बैंक ने अपनी सालाना रिपोर्ट डुइंग ‘बिजनेस 2018 : रिफॉर्मिंग टु क्रिएट जॉब्स’ में भारत में कारोबार करना आसान होने के माहौल पर टिप्पणी करते हुए कहा है कि भारत की रैंकिंग में 2003 से शुरू किए गए और पिछले चार साल में लागू किए 37 सुधारों में से लगभग आधे का असर दिख रहा है।
सबसे हैरान करने वाला प्रदर्शन भारत का
रिपोर्ट तैयार करने वाले विशेषज्ञों के मुताबिक इस बार सबसे चौंकाने वाला प्रदर्शन भारत का रहा। यह एक साल में 30 पायदान की छलांग लगा कर 100वें स्थान पर पहुंच गया और इसके स्कोर में 4.71 का इजाफा हो गया है। अब इसका स्कोर 60.76 है।
जीएसटी से पहले की है रिपोर्ट
हालांकि 2016-17 की इस रैंकिंग के लिए जीएसटी लागू होने के बाद के बिजनेस माहौल का आकलन नहीं किया गया है। पिछले दो साल से भारत इज ऑफ डुइंग बिजनेस रैंकिंग में 130वीं रैंक पर अटका हुआ था। 2014 में यह 142वें पायदान पर था।
इज ऑफ डुइंग बिजनेस इंडेक्स
पहली बार शीर्ष 100 देशों में शामिल
स्कोर में इजाफा - 4.71
कुल स्कोर - 60.76
दस सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले देशों में शामिल
बेहतरीन प्रदर्शन करने वाले बड़े देशों में भारत की सबसे लंबी छलांग
दस में से आठ सुधारों को लागू करने में भारत आगे
इन मोर्चों पर हुआ सुधार
जल्द बिजनेस शुरू करने में तेजी के मामले में
बिल्डिंग परमिट की प्रक्रिया और समय में कमी
कारोबार के लिए कर्ज हासिल करना आसान हुआ
अल्पसंख्यक शेयरधारकों की हित रक्षा में अहम कदम
कर अदायगी करना आसान बनाने की दिशा में बड़ा कदम
देश के बाहर कारोबार करना और ज्यादा आसान
कांट्रेक्ट लागू करने की दिशा में बड़ा सुधार
दिवालिया प्रक्रिया पूरी होने की दिशा में सुधार
इन मोर्चों पर यह रही रैंक
छोटे शेयरधारकों के हितों की रक्षा - रैंक - 4
कारोबारियों को कर्ज सुविधा -रैंक 29
बिजली कनेक्शन -रैंक- 29
कराधान सुधार रैंक 119 (53 पायदान की छलांग)