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1 जुलाई से ही लागू होगा जीएसटी: जेटली

Tue, 09 May 2017 05:49 AM IST
amarujala.com- Presented by: मोहित
amarujala.com- Presented by: मोहित Updated Tue, 09 May 2017 05:49 AM IST
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 gst decision to be implemented from july 1 
अरुण जेटली (फाइल फोटो)

वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) 1 जुलाई से ही लागू होगा और इससे वस्तुओं की कीमतों में बहुत ज्यादा इजाफा नहीं होगा, हालांकि कुछ सेवाओं की कीमतों में मामूली बढ़ोत्तरी हो सकती है। यह बात वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कही है। सीआईआई-कोटक निवेशकों की राउंड टेबल को संबोधित करते हुए जेटली ने यहां कहा कि जीएसटी परिषद अगले कुछ दिनों में अलग-अलग वस्तुओं व सेवाओं पर कर की दरों को अंतिम रूप दे देगी। 

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उन्होंने कहा कि देश में मौजूदा अप्रत्यक्ष कर ढांचा काफी जटिल है, जो लोग वस्तुओं व सेवाओं का कारोबार करते हैं उन्हें कई प्राधिकरणों से मंजूरी लेनी पड़ती है। पूरा देश कई बाजारों में विभाजित था। इसलिए वस्तुओं व सेवाओं की मुक्त आवाजाही संभव नहीं थी। अब जीएसटी के जरिए पूरे देश में केवल एक ही कर होगा। 
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जीएसटी परिषद ने पूर्व में ही कर के चार स्लैब- 5, 12, 18 और 28 फीसदी निर्धारित कर दिए हैं। अलग-अलग वस्तुओं व सेवाओं पर कर की दर क्या होगी यह तय करने के लिए अब परिषद की अगली बैठक अगले सप्ताह होगी। जेटली ने कहा कि जहां तक वस्तुओं की बात है, कर बढ़ने की संभावना नहीं है, उल्टा यह मामूली रूप से कम हो सकता है। जहां तक सेवाओं की बात है, उन पर कर में स्पष्ट रूप से मामूली वृद्धि होगी।

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पुनर्मुद्रीकरण की प्रक्रिया काफी हद तक पूरी

 gst decision to be implemented from july 1 
जीएसटी

वित्त मंत्री ने कहा है कि देश में नोटबंदी के बाद पुनर्मुद्रीकरण की प्रक्रिया काफी हद तक पूरी हो चुकी है और इस कदम से देश का कर आधार बढ़ेगा। सरकार ने पिछले साल नवंबर में नोटबंदी की घोषणा की थी।

सीआईआई, भारतीय दूतावास और जापान चैंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा यहां ‘भारत का कारोबारी वातावरण: सुधार और अवसर’ पर एक संवाद सत्र में जेटली ने कहा कि भारत कर अनुपालन वाला समाज नहीं है। अर्थव्यवस्था का एक बहुत ही बड़ा हिस्सा नकदी आधारित है। इस समस्या को दूर करने की जरूरत है।


हालत सुधरने के बाद ही बिकेगी बैंकों की हिस्सेदारी
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि सरकार, सरकारी बैंकों में अपनी हिस्सेदारी कम करके 52 फीसदी कर सकती है लेकिन ऐसा बैंकों की हालत सुधरने के बाद ही किया जाएगा। साथ ही कहा कि इस प्रक्रिया से जो धन मिलेगा उसका इस्तेमाल बैंकों में पूंजी बढ़ाने में किया जाएगा।

जेटली ने उम्मीद जताई कि सरकार द्वारा आरबीआई को बैंकों को लोन न चुकाने वालों के खिलाफ दिवालिया प्रक्रियाएं शुरू करने का आदेश देने और फंसे हुए कर्ज की वसूली को लेकर सलाह देने के लिए समितियां निर्मित करने में सक्षम बनाने से बढ़ रहे बुरे कर्ज की समस्या का समाधान हो सकेगा। उन्होंने कहा कि हमारे पास एक कार्यक्रम है जिसके तहत हम बैंकों में पुनर्पूंजीकरण को सहयोग दे रहे हैं। जहां सरकार से ज्यादा पूंजी की जरूरत होगी, हम उस पर ध्यान देंगे। 

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