रूसी सैन्य विशेषज्ञ पावेल फेलगेनहर ने कहा कि अगर युद्ध छिड़ा, तो यह केवल दो देशों तक ही सीमित नहीं रहेगा। इसमें यूरोपीय या विश्व स्तर पर युद्ध का रूप लेने की भी क्षमता है। फेलगेनहर का यह बयान रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के उस आदेश के बाद आया है, जिसके तहत उन्होंने टैंक और अन्य बख्तरबंद वाहनों के साथ 4,000 रूसी सैनिकों को विवादित सीमा पर भेजा है। इसके बाद से यूरोप ने भी अपनी सेना को हाई अलर्ट पर रखा है।
रूस ने कहा, घबराने की जरूरत नहीं
पिछले हफ्ते यूक्रेन के कमांडर-इन-चीफ रुसलान खोमच ने संसद में कहा था कि रूसी संघ हमारे देश के प्रति आक्रामक नीति जारी रखे हुए है। रूस ने कम से कम अतिरिक्त 25 टेक्टिक ग्रुप को बॉर्डर एरिया में तैनात किया है। ये सभी यूक्रेन की सीमा पर पहले से तैनात रूसी सैनिकों के अलावा हैं। वहीं रूस का कहना है कि उसकी सेना के मूवमेंट से किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। वो कोई युद्ध की तैयारी नहीं कर रहा है।
बता दें कि रूस और यूक्रेन के बीच यदि युद्ध होता है, तो उसके विश्व युद्ध में बदलने के कई कारण हैं। पहला तो यही कि रूस और अमेरिका धुर विरोधी हैं और यूक्रेन अमेरिका का करीबी। यदि रूस यूक्रेन को नुकसान पहुंचाता है, तो अमेरिका उसका साथ देगा और इस तरह अन्य देश भी उनसे जुड़ते जाएंगे। हाल ही में अमेरिका से सैन्य हथियारों से लदा एक कार्गो शिप यूक्रेन पहुंचा था। इस पर रूस ने कड़ी आपत्ति जताई थी। बता दें कि रूस पहले से ही यूक्रेन और अमेरिका में बढ़ती हुई नजदीकी से चिढ़ा हुआ है।