दक्षिण चीन सागर के अलावा पूर्वी सागर में भी चीन के ‘लियाओनिंग’ नामक विमान वाहक जंगी जहाज समूह ने गश्त की। यहां 5 जंगी जहाजों के साथ पहुंचे इस समूह ने ओकिनावा के दक्षिण-पश्चिम में मियाको क्षेत्र में गश्त की। इसके बाद से जापान ने भी अपनी नौसेना और वायुसेना को अलर्ट पर रख दिया है। चीन ने पहली बार जापान के इतना करीब अपने जंगी जहाजों को भेजा है।
दावा है कि जापान इस क्षेत्र में फ्रांस, अमेरिका, जर्मनी और ऑस्ट्रेलिया के साथ लगातार युद्धाभ्यास कर रहा है। इसलिए चीन ने चिढ़कर विमान वाहक पोतों को पूर्वी चीन सागर में तैनात किया है। इस चीनी जहाज समूह में फ्रिगेट, डिस्ट्रायर, माइन स्वीपर और कॉम्बेट सपोर्ट शिप शामिल हैं। जापान सेल्फ डिफेंस फोर्स ने खुद इस घुसपैठ की रिपोर्ट को जारी किया है। जापान ने मियाको क्षेत्र से चीन के ‘शानक्सी’ पेट्रोलिंग एयरक्राफ्ट की उड़ान का भी पता लगाया है।
जापान पर कूटनीतिक दबाव
अमेरिका में चीनी सुरक्षा मामलों के एक विशेषज्ञ बेन लॉसन ने कहा कि चीनी रणनीतिकार इस समुद्री मार्ग को उसके खिलाफ बनाई जा रही फर्स्ट आईलैंड शृंखला की काट के रूप में अहम मानते हैं। विमान वाहक पोत लियाओनिंग की गश्त वैश्विक कानून के तहत सही है, लेकिन बीजिंग खुले समुद्र में अपने जंगी जहाजों के समूह को तैनात कर जापान पर दबाव की कूटनीति के मकसद से आक्रामक नीति अपना रहा है। बता दें कि चीन और जापान में पूर्वी सागर के सेनकाकू समेत अन्य निर्जन द्वीपों को लेकर लंबे समय से पहले ही तनाव चला आ रहा है।