दुनिया में सबसे खुशहाल देश कौन है? जाहिर है आप इस दिलचस्प रिपोर्ट को जरूर पढ़ना चाहेंगे। दरअसल कनाडा के अर्थशास्त्री जॉन एफ. हेलिवेल, रिचर्ड लेयर्ड, जेफरी सैक्स, जॉन इमैनुएल डी नेवे, लारा बी. अकनिन और शुन वांग द्वारा दुनिया के सबसे खुशहाल देशों की रिपोर्ट प्रकाशित की गई है। इस सर्वेक्षण में अलग अलग देशों की जीडीपी, प्रति व्यक्ति आय, लोगों के रहन सहन, स्वतंत्रता, भ्रष्टाचार जैसे कारकों को बारीकी से देखा गया है। इसके बाद खुशहाल देशों की लिस्ट तैयार की गई।
रिपोर्ट की खास बातें
संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रायोजित इस सर्वेक्षण में नॉर्डिक देशों ने शीर्ष स्थान हासिल किया है। रिपोर्ट के अनुसार फिनलैंड, डेनमार्क, आइसलैंड, स्वीडन और इजराइल दुनिया के टॉप पांच खुशहाल देश हैं। इस सर्वेक्षण में तालिबान से त्रस्त अफगानिस्तान को सबसे निचले पायदान यानी 143वें नंबर पर रखा गया है। खास बात यह है कि इस लिस्ट में अमेरिका और जर्मनी ने पहली बार शीर्ष 25 खुशहाल देशों की लिस्ट में जगह बनाई है। अमेरिका को 23वां जबकि जर्मनी को 24वां स्थान मिला है। इसके अलावा कुवैत और कोस्टा रिका जैसे देशों की खुशहाली में भी इजाफा हुआ है। कोस्टा रिका ने 12वां और कुवैत ने 13वां स्थान हासिल कर टॉप 20 देशों की सूची में जगह बनाई है।
सर्वेक्षण में बताया गया है कि उत्तरी अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड में 30 वर्ष से कम उम्र के युवाओं के जीवन में खुशी में काफी गिरावट आई। इन देशों में युवाओं की तुलना में पुरानी पीढ़ियां ज्यादा खुश हैं। इसके ठीक उलट मध्य और पूर्वी यूरोप में सभी आयु वर्ग के लोगों की खुशहाली में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।
भारत में कितनी खुशहाली?
सर्वेक्षण में भारत को 126वें पायदान पर रखा गया है। आपको बता दें कि साल 2023 के सर्वेक्षण में भी भारत को 126वां स्थान मिला था।
सबसे निचले पायदान पर अफगानिस्तान
इस सर्वेक्षण में तालिबान से त्रस्त अफगानिस्तान को सबसे निचले पायदान यानी 143वें नंबर पर रखा गया है। अफगानिस्तान, लेबनान और जॉर्डन जैसे देशों की खुशहाली में 2010 के बाद से लगातार गिरावट देखने को मिली है।
ये हैं दुनिया के दस सबसे खुशहाल देश
- फिनलैंड
- डेनमार्क
- आइसलैंड
- स्वीडन
- इजराइल
- नीदरलैंड
- नॉर्वे
- लग्जेंबर्ग
- स्विट्जरलैंड
- ऑस्ट्रेलिया
शीर्ष स्थान पर क्यों है फिनलैंड?
फिनलैंड के हेलसिंकी विश्वविद्यालय के शोधकर्ता जेनिफर डी पाओला का कहना है कि ‘फिनलैंड के लोग प्रकृति से जुड़े हुए हैं। यह बंधन उनके जीवन की संतुष्टि को महत्वपूर्ण रूप से बढ़ाता है। इसके अलावा मुफ्त स्वास्थ्य सुविधाएं, मुफ्त शिक्षा, न्यूनतम भ्रष्टाचार और सरकारी संस्थानों पर विश्वास की वजह से फिनलैंड के लोगों के जीवन में खुशहाली बढ़ी है।'