जेल में बंद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान ने इस्लामाबाद हाईकोर्ट का रुख किया है। उन्होंने मिलिट्री ट्रायल यानी सैन्य मुकदमा की आशंका को देखते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है। उन्होंने सैन्य अदालत में अपने संभावित मुकदमे के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका दायर की।
नौ मई के दंगों को लेकर हो सकता है ट्रायल
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के संस्थापक ने आशंका जताई कि रावलपिंडी में उनके खिलाफ दर्ज प्राथमिकियों के आधार पर नौ मई को हुए दंगों के सिलसिले में मिलिट्री ट्रायल हो सकता है।अपनी याचिका में उन्होंने आईएसआई के पूर्व महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल फैज हमीद की हालिया गिरफ्तारी का हवाला दिया।
खान ने कहा, 'कुछ हफ्तों पहले सेना के एक सेवानिवृत्त वरिष्ठ अधिकारी को सैन्य हिरासत में लिया गया था। मीडिया रिपोर्ट में अटकलें लगाई गईं कि उन्हें पिछले साल नौ और 10 मई से संबंधित मामलों में याचिकाकर्ता के खिलाफ सरकारी गवाह बनाया जा सकता है। याचिकाकर्ता को इस आधार पर सैन्य हिरासत में स्थानांतरित कर दिया जाएगा।'
पूर्व प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि अटकलों को हवा तब लगी, जब इस संबंध में संघीय सरकार के प्रवक्ता बैरिस्टर अकील मलिक ने बयान दिया था। मलिक ने हाल ही में कहा था कि याचिकाकर्ता पर सैन्य अदालत में मुकदमा चलाया जा सकता है और यह भी कि पाकिस्तान सेना अधिनियम, 1952 के प्रावधान उस पर लागू होते हैं।