कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन को लेकर विश्व स्वास्थ्य संगठन (who) ने फिर चेताया है। डब्ल्यूएचओ का दावा है कि ओमिक्रॉन वैरिएंट (omicron alert) भारत में दूसरी लहर के दौरान कहर ढाने वाले डेल्टा वैरिएंट की तुलना में काफी तेजी से फैल रहा है।
डब्ल्यूएचओ ने शनिवार को कहा कि ओमिक्रॉन वायरस संस्करण 89 देशों में फैल चुका है। कम्युनिटी स्प्रेड (सामुदायिक संक्रमण) वाले क्षेत्रों में इसके मामलों की संख्या डेढ़ से तीन दिनों में दोगुनी हो रही है। डब्ल्यूएचओ ने शनिवार को जारी अपडेट में कहा कि ओमिक्रॉन जनसंख्या प्रतिरक्षा वाले देशों में तेजी से फैल रहा है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि ऐसा वायरस की प्रतिरक्षा से बचने की क्षमता के कारण हो रहा है। एजेंसी ने कोरोना का यह नया वैरिएंट पहली बार सामने आने के तत्काल बाद 26 नवंबर को इसे वैरिएंट आफ कंसर्न घोषित किया था।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने कहा है कि ओमिक्रॉन के इलाज को लेकर अभी सीमित जानकारी सामने आई है। इसकी गंभीरता को समझने के लिए और ज्यादा डेटा की आवश्यकता है। इसके मामले इतनी तेजी से बढ़ रहे हैं कि कुछ देशों में अस्पतालों पर दबाव बढ़ सकता है। ब्रिटेन और दक्षिण अफ्रीका के अस्पतालों में इसके मरीजों में तेजी से बढ़ोतरी जारी है।
डब्ल्यूएचओ ने ओमिक्रॉन को फैलने से रोकने के लिए सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाएं तत्काल बढ़ाने पर जोर दिया है। डब्ल्यूएचओ दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र की क्षेत्रीय निदेशक पूनम खेत्रपाल सिंह ने कहा कि ठोस स्वास्थ्य एवं सामाजिक उपायों से ओमिक्रॉन को फैलने से रोका जा सकता है। हमारा ध्यान सर्वाधिक जोखिम वाले लोगों की सुरक्षा पर होना चाहिए।
भारत से 100 के पार हुए ओमिक्रॉन संक्रमित
इधर, भारत में ओमिक्रॉन संक्रमितों की संख्या 100 का आंकड़ा पार कर गई है। हालांकि भारतीय स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि नया वैरिएंट कम घातक हो सकता है, लेकिन इसकी उच्च संक्रामण दर चिंता पैदा कर रही है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने देश को कोरोना की दूसरी लहर की तरह ही सतर्क रहने को कहा है। उन्होंने बूस्टर डोज लगवाने पर भी जोर दिया है। लोगों को कोरोना संबंधी निर्देशों का पालन करने के लिए कहा गया है। विशेषज्ञों ने जोर दिया कि प्रशासन को इस समय पैनी नजर रखनी होगी और जरूरत पड़ने पर तत्काल कदम उठाने होंगे।