अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन ने बृहस्पतिवार (स्थानीय समयानुसार) अमेरिका की हवाई यातायात नियंत्रण प्रणाली में बड़े बदलाव का प्रस्ताव रखा है। यह प्रस्ताव हाल ही में हुई विमान दुर्घटनाओं और तकनीकी समस्याओं को देखते हुए दिया गया है। ट्रंप प्रशासन की यह योजना पुरानी हो चुकी तकनीक को बदलने और नेटवर्क को बेहतर बनाने पर केंद्रित है।
परिवहन मंत्री सीन डफी ने कहा कि योजना के तहत अगले तीन सालों में देश के सभी हवाई यातायात केंद्रों में नई तकनीक और संचार प्रणाली लगाई जाएगी। इसके साथ ही छह नए हवाई यातायात नियंत्रण केंद्र बनाए जाने का प्रस्ताव है। इस योजना पर कितना खर्च आएगा, अभी इसके बारे में जानकारी नहीं दी गई है। डफी ने कहा, 'हम दशकों से इस सिस्टम की अनदेखी करते आए हैं, अब यह पुराना हो चुका है और इसे तुरंत ठीक करने की जरूरत है। यह केवल तकनीकी नहीं, बल्कि आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मुद्दा है।'
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2028 तक पूरा करने की है योजना
ट्रंप प्रशासन की पूरे देश के 4,600 से अधिक स्थानों पर फाइबर, वायरलेस और सैटेलाइट तकनीक लगाने की योजना है। इसके अलावा, ट्रंप प्रशासन चाहता है कि 600 पुराने रडार बदले जाएं। साथ ही हवाई अड्डों पर रनवे के पास होने वाली घटनाएं कम करने वाले सिस्टम लगाए जाएं। योजना के अंतर्गत छह नए हवाई यातायात नियंत्रण केंद्र भी बनाए जाएंगे। सभी हवाई यातायात सुविधाओं में नए हार्डवेयर और सॉफ्टवेयर को लगाया जाएगा, ताकि सिस्टम को चलाना आसान हो। योजना को 2028 तक पूरा करने को कहा गया है।
उड़ान में क्रांति लाएगी योजना: ट्रंप
राष्ट्रपति ट्रंप ने बृहस्पतिवार को कहा कि यह योजना उड़ान में क्रांति लाएगी। उन्होंने ओवल ऑफिस से कहा कि नई मशीनें बहुत कमाल की हैं। यह सिस्टम इतना अच्छा है कि शायद पायलट की भी जरूरत न पड़े। फिर उन्होंने कहा, 'मेरी राय में, पायलट हमेशा जरूरी होंगे।'
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जनवरी में हुए विमान हादसे के बाद पुरानी व्यवस्था पर उठे सवाल
दरअसल, जनवरी में वाशिंगटन डीसी में एक सैन्य हेलीकॉप्टर और एक वाणिज्यिक विमान के बीच टक्कर हो गई थी। हादसे में 67 लोगों की मौत हुई थी। इसके बाद से 45,000 से अधिक दैनिक उड़ानों को संभालने वाली इस पुरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। इस घटना के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने वादा किया था कि वह इस पुरानी व्यवस्था को ठीक करेंगे, और देशभर में हवाई यातायात नियंत्रकों की कमी को दूर करेंगे। हादसे के बाद उन्होंने इसके लिए बाइडन प्रशासन को दोषी ठहराया था।
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