बच्चों में यदि टेलीविजन देखने की आदत बढ़ रही है तो इसे छोटे बच्चों के खराब विकास से जोड़ा जाता है। लेकिन एक नए अध्ययन में पता चला है कि टीवी देखते वक्त बच्चों से बात करना इसके नकारात्मक असर को बहुत हद तक कम कर देता है। नए शोध के मुताबिक, माता-पिता जितना ज्यादा समय टीवी देखते वक्त बच्चों से बात करने में गुजारते हैं उतनी ही बच्चों में स्कूल में जिज्ञासा बढ़ती है।
‘प्लोस वन जर्नल’ में छपे निष्कर्ष बताते हैं कि प्री स्कूल के दौरान माता-पिता से टीवी देखते वक्त चर्चा करने वाले बच्चों में किंडरगार्टन में जाने के बाद जिज्ञासा का स्तर ज्यादा पाया गया। कम संसाधन वाले परिवारों के बच्चों के लिए शोध करने वाली लेखिका प्राची शाह ने बताया कि अकेले टीवी देखना या बच्चों के टीवी देखते वक्त माता-पिता का मोबाइल पर व्यस्त रहना ठीक नहीं। शोधकर्ताओं ने 1,500 प्री स्कूल बच्चों के दैनिक टीवी देखने और माता-पिता के बातचीत की आवृत्ति का अध्ययन करने के बाद यह निष्कर्ष निकाला है।
स्कूल में सीखने के प्रति ज्यादा रुचि
शोधकर्ता प्राची शाह ने बताया कि यह अध्ययन विशेष रूप से जिज्ञासा पर केंद्रित था जिसमें पाया गया कि निम्न सामाजिक स्थिति वाले परिवारों के बच्चों के लिए टीवी देखते वक्त माता-पिता से सार्थक बातचीत उन्हें उच्च शैक्षिक उपलब्धि, व्याहार-विकास लाभ और गणित के प्रति ज्यादा अच्छे नतीजे देती है। इससे स्कूल में जाने के बाद बच्चों में सीखने के प्रति ज्यादा रुचि दिखाई दी।