संयुक्त राष्ट्र (यूएन) के महासचिव इन दिनों पड़ोसी देश पाकिस्तान के दौरे पर हैं। गुटेरेस ने शनिवार को अंतरराष्ट्रीय समुदाय से बाढ़ प्रभावित पाकिस्तान को भविष्य की आपदाओं का सामना करने के लिए मदद करने के प्रयासों को आगे बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त राष्ट्र की पाकिस्तान में मदद 'समुद्र में एक बूंद' है।
गुटेरेस ने पाकिस्तान के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा किया। ये टिप्पणी उन्होंने सिंध प्रांत के सुक्कुर में की। प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के साथ प्रभावित इलाकों का हवाई जायजा लेते हुए संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने बाढ़ से हुई तबाही को 'अकल्पनीय' करार दिया।
पाकिस्तान के एक समाचार चैनल ने उनके हवाले से कहा कि हम अपनी सीमित क्षमता और अपने संसाधनों से पूरी तरह वाकिफ हैं। लेकिन आप इस बात से पूरी तरह सुनिश्चित हो सकते हैं कि हम पाकिस्तानी लोगों के साथ पूरी तरह से एकजुट हैं।
रिपोर्ट में कहा गया है कि संयुक्त राष्ट्र प्रमुख ने कहा कि वह अंतरराष्ट्रीय समुदाय से यह सुनिश्चित करने के लिए कहेंगे कि वे विनाशकारी स्थिति के बारे में जागरूकता बढ़ाने में मदद करें।
पिछले हफ्ते संयुक्त राष्ट्र ने पाकिस्तान के लिए 160 मिलियन अमेरिकी डालर की सहायता के लिए एक अपील की थी। एक ट्वीट में संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि विकासशील देश, फॉसिल फ्यूल (जीवाश्म ईंधन) पर दुनिया की निर्भरता की भयानक कीमत चुका रहे हैं।
गुटेरेस ने शुक्रवार को कहा, मैं इस्लामाबाद से एक वैश्विक अपील जारी कर रहा हूं : पागलपल बंद करो। अब नवीकरणीय उर्जा (रिन्यूवेबल एनर्जी) में निवेश करें। प्रकृति के साथ युद्ध समाप्त करें। संयुक्त राष्ट्र महासचिव ने कहा कि पाकिस्तान को लगभग तीस बिलियन अमेरिकी डॉलर का आर्थिक नुकसान होने का अनुमान है।
उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में जलवायु परिवर्तन के प्रभाव से जो हुआ है, उस तरह का कुछ भी याद नहीं है। उन्होंने कहा कि नुकसान और पीड़ितों की संख्या भयावह थी। बाढ़ में लगभग 1400 लोग मारे गए हैं, जिससे देश का एक तिहाई हिस्सा जलमग्न हो गया है। फसलें तबाह हो गई हैं और 33 मिलियन से अधिक लोग विस्थापित हो गए हैं।