अमेरिकी टीवी चैनल सीएनएन ने ईरान के ‘गोपनीय’ सूत्रों के हवाले से कहा है कि अलीगूरदर्ज में हुई घटना में मरने वालों की संख्या उससे काफी ज्यादा है, जितनी सरकारी मीडिया ने बताई है। इन खबरों में कहा गया है कि बड़ी संख्या में लोग जख्मी भी हुए हैँ। इस खबर में यह भी दावा किया गया है कि फायरिंग पुलिस ने ही की।
अमेरिकी प्रतिबंधों के कारण ईरान की अर्थव्यवस्था इस समय संकट में है। खास कर 2018 में पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के प्रशासन की तरफ से तेल निर्यात पर लगाए गए प्रतिबंधों से ईरान को काफी नुकसान हुआ है। इसके अलावा कोरोना महामारी के कारण भी देश की अर्थव्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। देश में इस समय बेरोजगारी की दर बहुत उंची है, जबकि मुद्रास्फीति की दर 50 फीसदी से अधिक हो गई है। इसका आम जीवन पर हुए खराब असर हुआ है। इस कारण देश के अलग-अलग समूह गुजरे महीनों के दौरान सड़कों पर उतरे हैं। कुछ समय पहले औद्योगिक कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया था। जो लोग सड़कों पर उतरे उनमें ऊर्जा सेक्टर के कर्मचारी भी थे। इसके अलावा पेंशनधारी लोग भी प्रदर्शन कर चुके हैं।
पानी के मुद्दे पर हुए प्रदर्शनों के दौरान सोशल मीडिया पर बहुत से ऐसे वीडियो शेयर किए गए, जिनमें सुरक्षा बलों को प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले छोड़ते दिखाया गया। ऐसे एक वीडियो के मुताबिक सूखाग्रस्त इलाकों में हो रहे जन प्रदर्शनों के समर्थन में एक प्रदर्शन तेहरान में गृह मंत्रालय के दफ्तर के बाहर भी हुआ। तब से ईरान में जगह-जगह सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है।