ईरान के विदेश मंत्रालय ने क्या कहा?
ईरान के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अगर इस्राइल गाजा पट्टी पर हवाई हमले रोक देता है तो हमास 199 बंधकों को रिहा कर देगा। हालांकि, कनानी के दावे से उलट आतंकी समूह ने ऐसी कोई पेशकश करने की बात स्वीकार नहीं की है। हमास ने 199 लोगों को बंधक बना रखा है, जिनमें इस्राइली समेत कई अन्य देशों के नागरिक शामिल हैं।
ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता नासिर कनानी तेहरान में एक संवाददाता सम्मेलन में बोलते हुए कहा कि इस्राइल के खिलाफ लड़ाई में ईरान हमास का सबसे बड़ा समर्थक रहा है। हमास के अधिकारियों का कहना है कि वे बंधक बनाए गए नागरिकों को रिहा करने के लिए जरूरी कदम उठाने को तैयार हैं, लेकिन जिस तरह से गाजा में जानलेवा बमबारी की जा रही है, ऐसे में बंधकों की रिहाई के लि जरूरी कदम नहीं उठाए जा सकते।
कनानी ने हमास के हवाले से कहा कि वह इस्राइल के साथ सौदा करने पर विचार करेगा। बीते वक्त में हुए सौदों की तरह इस्राइल की ओर से बंधक बनाए गए हजारों फिलीस्तीनियों के बदले में बंधकों की रिहाई पर बात करेगा। कनानी ने हमास का जिक्र करते हुए कहा कि हमने सुना है कि उन्हें जंगर जारी रखने में कोई समस्या नहीं है। इसके लिए उनके पास जरूरी सैन्य क्षमता है।
इस्राइल की चेतावनी- हथियार डालो, शायद दया दिखाई जाए
इस्राइल के प्रवासी मामलों के मंत्री अमीचाई चिकली ने कहा कि जहां तक मुझे पता है, हमारे पास 120 से अधिक बंधकों की सूची है। हम उन्हें घर वापस लाने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। यह आसान नहीं होगा। जैसा कि आप जानते हैं कि हमास ने दया, मानवीय मूल्य को भी ताक पर रख दिया है। इसलिए हमें हमास से कोई उम्मीद नहीं है। फिर भी हमें विश्वास है कि हम बुद्धिमत्ता, प्रयासों से शायद उनमें से कुछ को बचा सकते हैं।
अमीचाई चिकली ने कहा कि हमास के आतंकवादियों के लिए मेरी सिफारिश है- हथियार डालो, अपने हाथ ऊपर करो, सुरंगों से बाहर निकलो। तब हम शायद आप पर दया दिखाएं। उन्होंने कहा कि मैं भारत के लोगों को बताना चाहता हूं कि हम समान मूल्यों को साझा करते हैं। हम जीवन को महत्व देते हैं। हम अच्छाई को महत्व देते हैं। हम मानवीय मूल्यों में विश्वास करते हैं।
उन्होंने मैं भारत के नेतृत्व को धन्यवाद देना चाहता हूं कि वह क्रूर जिहादी बर्बर इस्लामवादियों के खिलाफ इस लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर हमारे साथ रहने के लिए प्रतिबद्ध है। यह सिर्फ हमारा युद्ध नहीं है, यह आपका भी युद्ध है और हम आपके समर्थन से इसे जीतेंगे।
इस्राइल के निशाने पर हमास के टनल
इस्राइली सेना के प्रवक्ता रियर एडमिरल डैनियर हगारी ने कहा कि गाजा में युद्ध विराम की कोई योजना नहीं है। हम हमास के खिलाफ लड़ाई जारी रखेंगे। उत्तरी गाजा पट्टी में जमीनी हमला करने के लिए तैयार इस्राइली सेना भारी बमबारी कर रही है। सोमवार को उसने गाजा पट्टी के अल कुदस अस्पताल के आसपास बम गिराए, जिसमें कई इमारतें ध्वस्त हो गईं। इस्राइल का कहना है कि हमास के आतंकी नागरिक बस्तियों में बनाए गए टनल में छिपे हैं। इस्राइल के निशाने पर हमास के ये टनल ही हैं। वह हमास के सैन्य ढांचे को पूरी तरह से खत्म कर देना चाहते हैं ताकि भविष्य में वह हमला नहीं कर सके।
दक्षिणी गाजा में भी हमला रोकने से इनकार
इस्राइल ने मिस्र के दो अधिकारियों की तरफ से किए गए दावों को भी खारिज कर दिया है जिसमें कहा गया था कि विदेशियों को फलस्तीन क्षेत्र से बाहर जाने और गाजा में सहायता लाने के लिए इस्राइल दक्षिणी गाजा पर बमबारी रोकने पर सहमत हो गया है। उन्होंने कहा कि विदेशी पासपोर्ट धारकों को जाने की अनुमति देने के लिए मिस्र-नियंत्रित राफा सीमा के खुलने की उम्मीद है। लेकिन इस्राइली पीएम कार्यालय ने इससे इन्कार करते हुए कहा कि फिलहाल न तो कोई संघर्ष विराम की स्थिति है और न मानवीय सहायता के हालात हैं। इस्राइली सेना व यहां के अमेरिकी दूतावास ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है। उधर, हमास ने भी युद्धविराम की पुष्टि नहीं की। रफा सीमा पर हालात अस्पष्ट हैं। कई दिनों से जारी नाकाबंदी के चलते गाजा पट्टी में मानवीय संकट गहराता जा रहा है।
नेतन्याहू ने ईरान, हिज्बुल्ला को फिर चेताया
इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने एक बार फिर ईरान और हिज्बुल्ला को चेतावनी दी है। इस्राइल के उत्तरी क्षेत्रों में लेबनाम की तरफ से हो रहे हमले को देखते हुए नेतन्याहू ने दोनों देशों को चेतावनी देते कहा कि हमारे धैर्य की परीक्षा न लें। इस्राइली संसद नेसेट में अपने संबोधन में नेतन्याहू ने कहा कि हमास को हराने के लिए दुनिया को एकजुट होने की जरूरत है। हमास की नाजियों से तुलना करते हुए उन्होंने विश्व के नेताओं से कहा कि यह युद्ध आपकी लड़ाई भी है।